सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म का रिव्यू:जिंदगी के लिए मोहब्बत जगाती है ‘दिल बेचारा’, इसे देखकर दिल कहता है- सुशांत, तुम्हें भी उम्मीद नहीं छोड़ना थी

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◆ अवधि: एक घंटा, 41 मिनट 26 सेकंड
◆ स्‍टार: 3.5 तीन स्‍टार
◆ क्यों देखें: सुशांत ने अपने काम से यकीनन आखिरी सलाम अपने चाहने वालों तक पहुंचाया है। तेज कदमों से पास आ रही मौत से जूझते मैनी के रूप में सुशांत को अपने आसपास महसूस करने के लिए देखें।
◆ सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का प्रीमियर शुक्रवार शाम 7.30 बजे ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर हुआ। फैन्स इस फिल्म को लेकर थाेड़े रुआंसे भी हैं और थोड़े खुश भी, इसीलिए इसके रिलीज होने का इंतजार बेसब्री से कर रहे थे। इसे लेकर क्रेज ऐसा है कि ट्विटर पर शाम से ही नंबर 1 पोजिशन पर #DilBecharaDay हैशटेग ट्रेंड कर रहा है।
◆ पर शाम से ही नंबर 1 पोजिशन पर #DilBecharaDay हैशटेग ट्रेंड कर रहा है।
◆ फिल्म का प्लॉट
◆ दिल बेचारा’ हॉलीवुड फिल्‍म ‘दी फॉल्‍ट इन ऑवर स्‍टार्स’ की रीमेक है। यानी ‘हमारे तारों में खरोंच है’। यह सवाल से शुरू होती है और सवाल पर ही खत्‍म कि ‘क्‍या किसी के जाने के बाद खुशी से रहा जा सकता है’? ‘क्‍या अधूरेपन के साथ जीने को मजबूर लोग खुश रह सकते हैं? ‘किसी के जाने के ख़याल को क्‍या स्‍वीकार किया जाए? ‘जिंदगी कुछ लोगों के साथ बहुत बेरहम क्‍यों है?’
◆ दिल छू लेने वाले सुशांत के डायलॉग्स
●’जन्म कब लेना है और कब मरना है ये तो हम डिसाइड नहीं कर सकते, लेकिन कैसे जीना है ये हम डिसाइड करते हैं।’
●’जब कोई मर जाता है उसके साथ जीने की उम्मीद भी मर जाती है, पर मौत नहीं आती।’
●’मैं बहुत बड़े-बड़े सपने देखता हूं पर उन्हें पूरा करने का मन नहीं करता।’
●’प्यार नींद की तरह होता है धीरे-धीरे आता है और फिर आप उसमें खो जाते हैं।’
●’हीरो बनने के लिए पॉपुलर नहीं होना पड़ता, वो रियल लाइफ में भी होते हैं।’
●’मैं एक फाइटर हूं और मैं बहुत बढ़िया तरीके से लड़ा।’
◆दिल बेचारा के बहाने फिर बहुत याद आए सुशांत
◆ फिल्म के रिलीज होने से पहले और बाद में सुशांत को लेकर सोशल मीडिया पर बहुत इमोशनल माहौल बना रहा। दुनियाभर में उनके फैंस ने सुशांत को नम आंखों से याद किया। बॉलीवुड सेलेब भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्हें भी सुशांत खूब याद आए।