27 साल से पति से अलग रह रही हैं अल्का याग्निक, सैकड़ों हिट गाने देने के बावजूद बॉलीवुड ने भुलाया

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लता मंगेशकर और आशा भोसले के बाद जिस सिंगर के गाने सबसे ज्यादा मशहूर हुए, वो अल्का याग्निक हैं । 90 के दशक में हर दूसरी बॉलीवुड फिल्म के गानों में अल्का की आवाज सुनाई देती थी । कोई भी फिल्म अल्का के गानों के बिना अधूरी लगती थी । अल्का याग्निक 20 मार्च को अपना जन्मदिन मनाती हैं और ये उनका 54वां बर्थडे होगा। इस मौके पर जानते हैं अल्का के बारे में कुछ अनसुनी बातें….

अल्का याग्निक ने 30 सालों तक बॉलीवुड को अपनी आवाजा से सजाए रखा। उन्हें प्लेबैक सिंगर के तौर पर 2 बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है । अल्का का जन्म कोलकाता की एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। उन्होंने अपनी मां शुभा याग्निक से शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू किया था।

घर में संगीत का माहौल होने के कारण उनकी भी संगीत में रुचि बढ़ती गई। महज 6 साल की उम्र में उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। अल्का कोलकाता आकाशवाणी में गाने लगी थीं। साथ ही वो भजन भी गाया करती थीं। 10 साल की उम्र में वो अपनी मां के साथ मुंबई आ गईं और फिल्ममेकर राज कपूर से मिलीं।

राज कपूर को अल्का की आवाज बहुत पसंद आई और उन्हें लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से मिलवाया। अल्का ने प्लेबैक सिंगर के रूप में अपने करियर की शुरुआत 1979 में आई फिल्म ‘पायल की झंकार’ से की थी। अल्का ने जब अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘लावारिस’ का गाना ‘मेरे अंगने में’ गाया तो वो जबरदस्त हिट हुआ।

इसके बावजूद अल्का को बॉलीवुड में पैर जमाने में करीब 8 साल तक स्ट्रगल करना पड़ा। 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ के गाने ‘एक दो तीन’ के बाद अलका को प्लेबैक सिंगर के रूप में पहचान मिल पाई। इसके बाद तो अल्का ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अल्का अब तक 1100 फिल्मों में करीब 2400 से ज्यादा गाने गा चुकी हैं।

अल्का ने 1989 में नीरज कपूर से शादी कर ली थी। उनकी एक बेटी सायशा है । अल्का अपने पति से 27 साल से अलग रह रही हैं । साल 2018 12 दिसंबर को अल्का ने अपनी बेटी की शादी की थी । शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं । अल्का बॉलीवुड की सुपरहिट प्लेबैक सिंगर रहीं लेकिन उनकी बेटी ने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाए रखी । अल्का ने 5 साल पहले फिल्म ‘तमाशा’ में अगर तुम साथ हो गाना गया था जो दीपिका पादुकोण पर फिल्माया गया था ।

अल्का याग्निक पिछले कुछ सालों से गाना नहीं गा रही हैं। इसकी वजह वो आज के संगीत में बदलाव को मानती हैं। बॉलीवुड के गानों में इतना बदलावा आ गया है कि 90 के दशक के सिंगर जैसे कुमार शानू, उदित नारायण और अल्का याग्निक को काम मिलना ही बंद हो गया है। अल्का का मानना है कि बॉलीवुड में गानों की मधुरता खो गई है और उसकी जगह फूहड़ता ने ले ली है।