इस साल भारतीय रियल एस्टेट में निवेश करीब 9 फीसद बढ़कर 43,780 करोड़ रुपये पर पहुंचा

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नई दिल्ली : इस वर्ष जनवरी से अब तक भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश लगभग नौ प्रतिशत बढ़कर 43,780 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। ग्लोबल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म कोलियर्स ने यह अनुमान लगाया है। कोलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल रियल एस्टेट सेक्टर में हुए कुल निवेश में 46 प्रतिशत यानी 19,900 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी अकेले ऑफिस प्रॉपर्टी की रही।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘2018 के मुकाबले 2019 के दौरान भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश 8.7 प्रतिशत बढ़कर 620 करोड़ डॉलर (करीब 43,780 करोड़ रुपये) हो गया।’ इस मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस साल घरेलू रियल एस्टेट सेक्टर में जितना निवेश हुआ, उसमें निवेश फंडों की हिस्सेदारी लगभग 78 प्रतिशत रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

2020 में निवेश और बढ़ने की उम्मीद

कोलियर्स ने अनुमान लगाया है कि 2020 के दौरान भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़कर 46,170 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। कोलियर्स इंटरनेशनल इंडिया के एमडी एवं चेयरमैन सैंकी प्रसाद ने कहा, ‘हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निर्माणाधीन ऑफिस प्रॉपर्टी समेत तमाम ऐसी संपत्तियों पर गौर करें, जिनकी आइटी सेक्टर से जुड़े बाजारों में बड़ी मांग हो सकती है। बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणो जैसे शहर निवेशकों को जोरदार मौके दे रहे हैं।’

ऑफिस प्रॉपर्टी पर फोकस

कंसल्टेंट फर्म ने उम्मीद जताई है कि निवेशक अगले तीन वर्षो तक कॉमर्शियल ऑफिस प्रॉपर्टी पर फोकस जारी रखेंगे। इस क्षेत्र में मजबूत मांग और किराये में बढ़ोतरी की उम्मीद इसकी वजह होगी। मुंबई और दिल्ली और बेंगलुरु इस मामले में आकर्षक बाजार बने रहेंगे।

बेंगलुरु ने दिल्ली को पछाड़ा

इस साल रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के मामले में दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) को पछाड़कर बेंगलुरु अब मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस दौरान बेंगलुरु में 4,650 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। मुंबई के रियल एस्टेट सेक्टर में इस साल सबसे ज्यादा 25 प्रतिशत निवेश हुआ है।