चीन से आयात निर्भरता के कारण स्थिति हुई गंभीर, देश के कई महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए पैदा हुई कच्चे माल की कमी

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नई दिल्ली : चीन भारत का एक बड़ा कारोबारी साझेदार देश ही नहीं है बल्कि फार्मास्यूटिकल्स, रसायन समेत कई उत्पादों के वैश्विक उत्पादन श्रृंखला में दोनो देश अहम हिस्सेदार हैं। दोनों देशों के बीच 90 अरब डॉलर का द्विपक्षीय कारोबार है लेकिन भारत के कई उद्योगों के लिए चीन सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। जिन 20 उत्पादों का भारत सबसे ज्यादा आयात करता है उनमें चीन की हिस्सेदारी 43 फीसद है। भारत अपनी जरुरत का 90 फीसद सोलर पैनल चीन से लेता है जबकि कुल बल्क ड्रग्स आयात का भी दो तिहाई से ज्यादा हिस्सा चीन से आता है।

देश के प्रमुख उद्योग चैंबर सीआईआई के महासचिव चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि ”कोरोना महामारी से देश के कई महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्चे माल की कमी पैदा कर दी है। यह आने वाले दिनों में छोटे कारोबारियों और रोजगार के अवसरों पर काफी विपरीत असर दिखा सकता है, अभी सरकार व उद्योग जगत के बीच एक संयुक्त समिति बनाने की जरुरत है ताकि बिना किसी देरी के हालात से निपटने के लिए कदम उठाये जा सके। हालात चिंतापूर्ण है लेकिन इसे संभाला जा सकता है।”

सीआईआई ने कोरोना वायरस के भारतीय इकोनोमी पर पड़ने वाले असर को लेकर एक अध्ययन किया है जिसमें बताया गया है कि भारत चीन से आयातित उत्पादों पर इस तरह से निर्भर हो गया है कि उसे चीन से आपूर्ति बाधित होने पर भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। देश के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी 30 फीसद के करीब है। लेकिन इलेक्ट्रोनिक आयात में चीन का 45 फीसद, सोलर पैनल में 90 फीसद, आटोमोटिव पार्ट्स में 25 फीसद, बल्क ड्रग्स में 70 फीसद, मोबाइल फोन पार्ट्स में 90 फीसद चीन का हिस्सा है।

आयात के साथ निर्यात पर भी भारी असर पड़ने लगा है। भारत से होने वाले निर्यात में चीन का स्थान तीसरा है। समुद्री मछली, कपास, रसायन, प्लास्टिक, लौह-अयस्क का सबसे ज्यादा निर्यात चीन को ही होता है। ये सेक्टर देश के किसानों व मछुआरों से लेकर बड़े उद्योगों के हितों से जुडे हुए हैं। कोरोना वायरस भारत से 50 फीसद कपास निर्यात को प्रभावित कर सकता है।

देश के मोबाइल फोन बाजार पर दो तिहाई से ज्यादा हिस्सा चीन की कंपनियों का है और भारत में इनकी फैक्ट्री होने के बावजूद ये 85-90 फीसद सामान चीन से लाती हैं। आम तौर पर ये भारत में फोन का एसेंबल करती हैं। सीआईआई के मुताबिक जनवरी-मार्च की तिमाही में स्मार्ट फोन की बिक्री में 15 फीसद की गिरावट इसी वजह से होगी।

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित चीन के राजदूत सून वीडोंग ने परोक्ष तौर पर कहा कि भारत या दूसरे देशों को चीन के साथ लोगों के आने जाने या कारोबार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की जरुरत नहीं है। ”हमें उम्मीद है कि भारत कारोबार व लोगों के आने जाने के मामले में तर्कसंगत व ठंडे दिमाग से फैसला करेगा व दोनो देशों के बीच कारोबार को फिर से शुरु करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी माना है कि सामान्य जनता के आवागमन व कारोबार को रोकने की कोई जरूरत नहीं है।”