सिटी बैंक का कारोबार खरीद सकते हैं एसबीआई और निजी बैंक

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अमेरिका के सिटी बैंक के भारत से उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से बाहर निकलने के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि भारतीय स्टेट बैंक या फिर कुछ निजी क्षेत्र के बैंक इसमें हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। देश में बैंक की 35 शाखाएं हैं और उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार में करीब 4,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। भारत के साथ साथ सिटी बैंक 13 और देशों से भी उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से निकलने की घोषणा की। सिटी बैंक के वैश्विक सीईओ जेन फ्रेजर ने इस निर्णय का कारण इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा में पैमाने का अभाव बताया।
बैंक ने पिछले हफ्ते ये ऐलान किया कि वैश्विक कारोबारी रणनीति के तहत वो भारत से क्रेडिट कार्ड, खुदरा बैंकिंग, होम लोन जैसे कारोबार से बाहर हो जाएगा।

उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से बाहर निकलने के प्रस्ताव को लेकर नियामकीय मंजूरी की जरूरत होगी। इसके लिए जैसे ही बैंक रिजर्व बैंक से संपर्क करेगा, बैंक की हिस्सेदारी दूसरे बैंकों को देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सिटीग्रुप ने भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, चीन, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम में अपने कंज्यूमर बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला किया है।

हालांकि बैंक के भारतीय अधिकारियों के मुताबिक इस घोषणा से कामकाज में तात्कालिक कोई बदलाव नहीं होगा। वो ग्राहकों को पहले की तरह सेवा देते रहेंगे। सिटी बैंक ने 1902 में भारत में कदम रखा था और 1985 में उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार में कदम रखा। संस्थागत बैंकिंग कारोबार के अलावा, सिटी अपने मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, चेन्नई और गुरुग्राम केंद्रों से वैश्विक कारोबार पर ध्यान देता रहेगा।