डीजल के दामों में हुई वृद्धि से ट्रकों के बढ़े मालभाड़े ने भवन निर्माण की लागत बढ़ा दी

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भवन का निर्माण करने वालों को दस फीसदी अतिरिक्त जेब खाली करनी पड़ेगी*लॉकडाउन के दौरान बंद हुए निर्माण कार्य अब फिर पटरी पर आ रहे हैं, लेकिन लागत बढ़ गई है। ट्रकों ने भाड़ा 25 से 30 फीसदी बढ़ाया तो बिल्डिंग मैटेरियल भी 10 फीसदी महंगा हो गया। पिछले माह लॉकडाउन में 6500 रुपये प्रति हजार बिकी ईंट अब 7275 रुपये हो गई है।775 रुपये प्रति हजार की वृद्धि हुई। गिट्टी (छर्रु) 100 फीट की कीमत 3500 रुपये से बढ़कर 4000 रुपये पहुंच गई है। सरिया में 400 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। यह 4000 से बढ़कर 4400 रुपये क्विंटल हो गई है। 320 की सीमेंट बोरी अब 340 रुपये हो गई है।ट्रक भाड़ा लगभग ड्योढ़ा हो गया है। बिल्डिंग मैटेरियल का उत्पादन भी 40 से 50 फीसदी चल रहा है। ऐसे में दाम बढ़ना स्वाभाविक है। बांदा में बिल्डिंग मैटेरियल फतेहपुर, सतना (एमपी), रायपुर (छत्तीसगढ़) और महोबा आदि जिलों से आता है। बिजली खेड़ा निवासी रामशरन साहू ने बताया ने बताया कि लॉकडाउन में लगभग दो माह कारोबार पूरी तरह चौपट रहा। अब कुछ ढर्रे पर आ रहा है। अभी भरपाई में समय लगेगा। मैटेरियल में महंगाई के चलते निर्माण कार्य कम हो रहे हैं। बिल्डिंग मैटेरियल के भावों में वृद्धि मालभाड़े में हुई बढ़ोत्तरी का नतीजा है। -कमलेश कुमार, बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेता, बांदा।


अंकित सोनी रिपोर्टर