ICICI Pru MF का सिल्वर ETF फंड ऑफ फंड 27 जनवरी को होगा बंद

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नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी म्‍युचुअल फंड कंपनी ICICI प्रूडेंशियल का सिल्वर ETF फंड ऑफ फंड (FoF) 13 जनवरी से खुला है। यह 27 जनवरी को बंद होगा। इस नए फंड ऑफर (NFO) में 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। इस समय ढेर सारे सिल्वर ETF फंड आ रहे हैं लेकिन देश का सबसे पहला सिल्वर ETF फंड आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फंड ने लॉन्च किया है। यह एक ओपन एंडेड FOF स्कीम है, जो ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF की यूनिट में निवेश करेगी। इसमें निवेशक बिना डीमैट अकाउंट के भी निवेश कर सकते हैं। कम से कम 100 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है।

यह एक तरह से सिल्वर के सभी असेट क्लास का एक मिला-जुला प्रोडक्ट है। चांदी एक महत्वपूर्ण कमोडिटी है जो महंगाई और संकट के समय में निवेशकों के लिए अच्छा काम करती है। यह NFO फिजिकल चांदी और एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव सिल्वर में भी निवेश करेगा। यह भौतिक चांदी की कीमतों को ट्रैक करता है।

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो पता चलता है कि हाल के 3 प्रमुख संकट के दौरान चांदी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसमें साल 2008 में सबप्राइम, फिर टैपर और अब कोविड-19 के समय चांदी ने एक असेट क्लास के रूप में इक्विटी से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके अलावा चांदी की ऐतिहासिक कीमत से पता चलता है कि यह महंगाई को पीछे छोड़ने में प्रमुख भूमिका निभाती है। इस बारे में कंपनी के प्रोडक्ट हेड चिंतन हरिया कहते हैं कि भारत में परंपरागत रूप से लोग सोने और चांदी में निवेश करते रहते हैं। हालांकि यह निवेश पूरी तरह से फिजिकल में होता है। चूंकि चांदी को फिजिकल रखना मुश्किल है, इसलिए हमारा मानना है कि ETF FOF निवेशकों के लिए एक अच्छा रास्ता है।

उनका कहना है कि जो निवेशक चांदी की शुद्धता को लेकर कोई चिंता नहीं करना चाहते हैं, उनके लिए यह और भी अच्छा है, क्योंकि यहां क्वालिटी और लिक्विडिटी एक अलग ही तरह से देखी जाती है। इस NFO में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए भी निवेश किया जा सकता है।

वैसे भारत समेत दुनियाभर में ब्याज दरें अब बढ़ने की उम्मीदें हैं। इससे इक्विटी मार्केट की तेजी पर थोड़ा असर हो सकता है। ऐसे में चांदी एक अच्छा हेजिंग का साधन हो सकता है। ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि 2022 और अगले कुछ साल तक चांदी में जोरदार तेजी का रुझान रहेगा। चांदी की कीमत अभी 61 हजार रुपये किलो है जो इस साल के अंत तक 80 हजार रुपये जा सकती है। अगले तीन साल में यह एक लाख रुपये के पार हो सकती है। इस हिसाब से चांदी इस साल में 33% का फायदा दे सकती है। भारत में गिफ्टिंग और रिटेल के अलावा इंडस्ट्रीज में भी चांदी की मांग ज्यादा है, जो कुल मांग का लगभग आधा है।