Jet Airways: हिंदूजा समेत तीन अंतरराष्ट्रीय कंपनियां खरीद सकती है बंद एयरलाइंस

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नई दिल्ली, दिवालिया हो चुके जेट एयरवेज (Jet Airways) के लिए आशा की किरण नजर आने लगी है. जेट एयरवेज को खरीदने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनी हिंदूजा – Hinduja, साउथ अमेरिका की कंपनी सिनर्जी ग्रुप और दुबई की फंड एजेंसी तैयार हैं. जेट एयरवेज के लैंडर्स ने इस बाबत जेट एयरवेज को खरीदने के लिए अपनी डेडलाइन को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया है.

मामले से जुड़े अधिकारी का कहना है कि जेट एयरवेज को खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रस्ट expressions of interest (EoI) मंगाए थे. लेकिन अभी तक किसी भी कंपनी ने इसके लिए कोई आवेदन नहीं किया है. हालांकि जेट के कर्जादाताओं ने 15 जनवरी का दिन डेडलाइन के लिए तय कर दिया है.

लंदन की कंपनी हिंदूजा है रेस में आगे
हाल ही में हिंदूजा के चेयरमैन गोपीचंद पी हिंदूजा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर जेट एयरवेज के कानूनी दबाव हट जाएं तो कंपनी जेट एयरवेज खरीदने की इच्छुक है. हिंदूजा ने ये भी कहा था कि खाड़ी देशों में अच्छे संबंध होने की वजह से हम जेट एयरवेज खरीदने में मदद कर सकते हैं. हालांकि इसके बाद अभी तक इस बाबत कोई गतिविधि नहीं हो रही है.

भारत की FDI पॉलिसी भी है एक समस्या
भारत के foreign direct investment (FDI) विदेशी निवेश पॉलिसी की वजह से भी अभी तक जेट एयरवेज खरीदने पर कोई ठोस कदम नहीं उठ पाया है. कानून के मुताबिक कोई भी विदेशी कंपनी भारतीय एयरलाइंस के सिर्फ 49 फीसदी स्टॉक ही खरीद सकता है. साथ ही कंपनी का प्रमोटर किसी भारतीय को ही बनाना होगा. नियम के अनुसार बोर्ड मेंबरों में ज्यादातर भारतीय ही होने चाहिए. सरकार के इस नीति की वजह से ज्यादातर विदेशी कंपनियां खरीद के लिए आगे नहीं आ पाई हैं.

साल भर होने को है जेट एयरवेज के बंद हुए
बताते चलें कि जेट एयरवेज के दिवालिया होने के बाद पिछले साल 18 अप्रैल को इसके सभी ऑपरेशन बंद करने पड़े थे. 20 जून को National Company Law Tribunal (NCLT) नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जेट एयरवेज को दिवालिया घोषित कर दिया था. जेट एयरवेज लगभग 13,000 करोड़ के घाटे में है. बैंकों ने एयरलाइंस को 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज दिया है.