Investment का सुरक्षित ठिकाना बना सोना, जनवरी में Gold ETF में हुआ है रिकॉर्ड निवेश

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नई दिल्ली : कोरोना वायरस चीन के बाहर भी अपने पैर पसारता जा रहा है। इसके चलते ग्लोबल इकोनॉमी पर बुरे असर की आशंका से डरे निवेशक सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। पिछले कुछ सत्रों के दौरान दुनियाभर के सराफा बाजारों में रौनक देखने को मिली। इस दौरान घरेलू बाजारों में भी सोना इस सप्ताह सोमवार को पहली बार 44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया।

सोना लगातार निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी के दौरान गोल्ड ईटीएफ में 200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो पिछले सात वर्षो में सर्वाधिक है। यह भी तब, जबकि भौतिक आधार पर सोने की मांग में कमी रही है।

सोमवार को लंदन के सराफा बाजार में सोने का भाव 1,689.31 डॉलर प्रति औंस (28.35 ग्राम) के साथ सात वर्षो के उच्च स्तर पर रहा। इससे पहले सोना जनवरी, 2013 में इस स्तर पर पहुंचा था। भारतीय बाजारों में सोमवार को सोना 953 रुपये के उछाल के साथ 44,472 रुपये प्रति 10 ग्राम के शिखर पर जा पहुंचा था।

चांदी में भी सोमवार को 586 रुपये का उछाल आया और यह कारोबार के आखिर में 49,990 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिकी थी। हालांकि, मंगलवार को इन बहुमूल्य धातुओं की कीमत में कुछ नरमी देखने को मिली। इस दौरान पीली धातु 954 रुपये लुढ़ककर 43,549 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिकी।

इस साल अब तक सोने की ग्लोबल कीमत में सात परसेंट तक का इजाफा हो चुका है। पहले भी यह देखा जाता रहा है कि जब ग्लोबल इकोनॉमी पर किसी तरह का संकट नजर आता है, सोने में निवेश बढ़ जाता है। आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल के समय सोने में किया गया निवेश सुरक्षित माना जाता है।

आइएमएफ जैसी ग्लोबल संस्थाएं पहले ही कोरोना वायरस को लेकर चेता चुकी हैं। इस दौरान सोने में बढ़ते निवेश को लेकर चिंता भी जताई जा रही है। कुछ जानकार मानते हैं कि सोने में बढ़ते तेज निवेश से इक्विटी मार्केट को चौकन्ना रहने की जरूरत है। कई विश्लेषक इस साल की शुरुआत से ही कह रहे हैं कि इस साल सोना 46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का स्तर पार कर लेगा।