Yes Bank मामले में अनिल अंबानी से नौ घंटे पूछताछ, 30 मार्च को फिर किए गए तलब

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नई दिल्‍ली : यस बैंक के प्रमोटर राणा कपूर और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी से नौ घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत उनका बयान भी रिकॉर्ड किया। उन्हें 30 मार्च को फिर बुलाया गया है। उनके अलावा ईडी ने कॉक्स एंड किंग्स के पीटर केरकर से भी पूछताछ की।अधिकारियों ने बताया कि अनिल अंबानी गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे ईडी के बल्लार्ड इस्टेट स्थित कार्यालय पहुंचे और पूछताछ के बाद शाम करीब सात बजे वहां से निकले।

अधिकारियों ने बताया कि अनिल अंबानी यस बैंक के साथ लेनदेन और अपने ग्रुप की कंपनियों के बारे में कुछ अन्य जानकारियां नहीं दे पाए। उनका कहना था कि उन्हें विवरण याद नहीं हैं। लिहाजा उनसे 30 मार्च को दस्तावेजों और जानकारियों के साथ आने के लिए कहा गया है। बताते हैं कि अनिल अंबानी के ग्रुप की नौ कंपनियों ने यस बैंक से 12,800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। अनिल अंबानी को पहले सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन निजी कारणों से उन्होंने इससे छूट हासिल कर ली थी। इसके बाद ईडी ने उन्हें 19 मार्च को पेश होने का नया समन जारी किया था।

रिलायंस ग्रुप ने कहा, पूरा लोन सिक्योर्ड

अनिल अंबानी से पूछताछ के बाद रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि यस बैंक से लिया गया पूरा कर्ज सिक्योर्ड है और उसे सामान्य कारोबार के क्रम में लिया गया था। कंपनी का कहना है कि विभिन्न परिसंपत्तियों के मौद्रिकरण कार्यक्रम के जरिये रिलायंस ग्रुप यस बैंक से लिए गए सभी कर्जो का भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्यक्रम काफी आगे बढ़ चुका है। कंपनी ने कहा है कि उसका यस बैंक के पूर्व सीईओ या उनकी पत्नी या बेटियों या राणा कपूर अथवा उनके परिवार द्वारा नियंत्रित किसी भी कंपनी से कोई प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। ऐसा ही बयान ग्रुप ने पिछले हफ्ते भी जारी किया था।

ईडी द्वारा पूछताछ के लिए समन किए गए कुछ अन्य औद्योगिक समूहों के प्रमुख जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए। इनमें एस्सेल ग्रुप के प्रमोटर सुभाष चंद्रा और जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल शामिल हैं। सुभाष चंद्रा संसद सत्र में व्यस्त होने और नरेश गोयल परिवार के सदस्य की बीमारी के कारण पेश नहीं हुए। मालूम हो सुभाष चंद्रा सांसद भी हैं। बहरहाल, ईडी ने गुरुवार को उन्हें नया समन जारी किया और 21 मार्च को पेश होने के लिए कहा है। मालूम हो कि इस हफ्ते जब सुभाष चंद्रा को 18 मार्च को ईडी के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी होने की खबर आई थी तो उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि एस्सेल ग्रुप ने कभी भी राणा कपूर या उनके परिवार या उनके द्वारा नियंत्रित किसी भी निजी कंपनी से कोई लेनदेन नहीं किया। उनका कहना था कि वह ईडी के साथ पूरा सहयोग करेंगे। कथित रूप से एस्सेल ग्रुप पर यस बैंक का 8,400 करोड़ रुपये और जेट एयरवेज पर 550 करोड़ रुपये का कर्ज है।

इंडिया बुल्स के चेयरमैन समीर गहलोत ने भी ईडी को पत्र भेजकर कहा है कि वह विदेश में हैं और कोरोना वायरस के मद्देनजर जारी यात्रा प्रतिबंधों के चलते वह भारत लौटने में असमर्थ हैं। उन्हें ईडी ने 20 मार्च को पेश होने के लिए कहा था। इंडिया बुल्स के खिलाफ दिल्ली की एक महंगी संपत्ति को 685 करोड़ के कर्ज के बदले गिरवी रखने की जांच की जा रही है।

दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन ने भी कोरोना वायरस के कारण लागू यात्रा प्रतिबंधों की वजह से जांच में शामिल होने में असमर्थता जाहिर की है। उन्होंने तो ईडी से यह भी बताने को कहा कि उन्हें समन क्यों किया जा रहा है। वधावन बंधुओं ने पेश होने से इन्कार करते हुए कहा कि ईडी सवाल भेज दे, वे उनके जवाब दे देंगे।

दस औद्योगिक समूहों की 44 कंपनियों पर यस बैंक का 34,000 करोड़ रुपये का ऐसा कर्ज है जिसे चुकाया नहीं गया है। इस सूची में शामिल अन्य कंपनियों में दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन और भारत इंफ्रा शामिल हैं।