2019ः जॉब पोर्टल सहित विमान यात्रियों के लिए कई सुविधाएं शुरू, UDAN योजना के तहत 35 लाख लोगों ने की विमान यात्रा

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नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी UDAN Scheme के तहत अब तक 35 लाख लोगों विमान यात्रा की है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराये गए आंकड़े के मुताबिक इस साल 1 जनवरी, 2019 से 10 दिसबंर, 2019 तक 134 रूट पर उड़ान सेवाओं की शुरुआत हुई। इस वर्ष 10 नए एयरपोर्ट भी ऑपरेशनल हुए। इनमें लीलाबाड़ी, बेलगाम, पंतनगर, दुर्गापुर, कुल्लु, कलबुर्गी, कन्नौर, दीमापुर, हिंडन और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट शामिल हैं। नागर विमानन मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक बेलगाम, प्रयागराज, किशनगढ़, हुबली और झारसुगुडा उड़ान योजना के तहत शुरू हुए व्यस्ततम एयरपोर्ट हैं।

मंत्रालय ने इस साल कुछ डिजिटल पहल भी किए हैं। आइए जानते हैं सरकार की ओर से क्या पहल की गई है:

DigiYatra: इसकी शुरुआत बेंगलुरु और हैदराबाद हवाई अड्डों पर की गई है। इस पहल का लक्ष्य बॉयोमैट्रिक तकनीक का इस्तेमाल करके हवाई यात्रा को और सरल बनाना है तथा यात्रा में लगने वाले समय को घटाना है।

Aviation Job Portal: भारत के नागर विमानन क्षेत्र में नियोक्ता और रोजगार की तलाश करने वाले लोगों की सुविधा के लिए रोजगार पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस रोजगार पोर्टल का वेब एड्रेस है – https://aviationjobs.co.in
Air Sewa: विमान यात्रियों की शिकायत के निवारण के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल के जरिए उठाए गए मुद्दे पर कार्रवाई की स्थिति को भी ट्रैक किया जा सकता है। इससे फ्लाइट की स्थिति का भी पता चलता है और यह सोशल मीडिया से जुड़ा है।

Lost & Found online portal: https://www.aai.aero/en/lost-found/item-list पोर्टल के जरिए विमान यात्रियों को खोए एवं पाए हुए सामान का ब्योरा भेजा जाता है। इस पोर्टल की शुरुआत जून, 2019 में हुई थी।
eGCA: डीजीसीए के फंक्शन और प्रोसेस को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ले जाया जा रहा है। इसका लक्ष्य त्वरित सेवा उपलब्ध कराना है। पायलट लाइसेंसिंग को लेकर पहला मॉड्यूल इसी महीने लांच किया जाएगा।

DigiSky: सिविल ड्रोन एवं पायलट के रजिस्ट्रेशन, फ्लाइट के रास्ते की मंजूरी एवं तमाम अन्य सेवाओं के लिए इस ऑनलाइन पोर्टल को शुरू किया गया है।

7. E-sahaj: मंत्रालय से जुड़ी सभी तरह की सुरक्षा मंजूरी के लिए इस पोर्टल को लांच किया गया है। इस पोर्टल के जरिए कुल मिलाकर 24 श्रेणियों में क्लियरेंस देने का प्रावधान है।

इसके साथ ही देश के सबसे ऊंचे एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर का भी उद्घाटन हुआ। इसके साथ ही Airport Authority of India (एएआई) के अंतर्गत आने वाले छह हवाई अड्डों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर लीज पर देने की स्वीकृति सरकार ने दी। इस योजना के तहत अहमदाबाद, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम, लखनऊ और मंगलुरु एयरपोर्ट को लीज पर देने को सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस योजना के अगले चरण में भुवनेश्वर, वाराणसी, इंदौर, अमृतसर, रायपुर और त्रिची हवाईअड्डों को शामिल करने की एएआई बोर्ड ने की है। अप्रैल से नवंबर, 2019 के बीच पहले से मौजूद एवं नए हवाई अड्डों के अपग्रेडेशन के लिए 304.49 करोड़ रुपये खर्च किये गए।