Budget 2020: बजट बनाने वाले अधिकारी क्यों हो जाते हैं नजरबंद, कहां छपते हैं बजट डॉक्यूमेंट्स, जानिए सब कुछ

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नई दिल्ली : बजट 2020-21 फरवरी 1 को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ये दूसरा बजट होगा। बजट पेश होने से पहले इसकी छपाई होती है। सोमवार को हलवा सेरेमनी शुरू होने के बाद बजट की छपाई शुरू हो गई है। बजट छपाई से जुड़ी एक दिलचस्प बात यह है कि बजट को तैयार करने में शामिल अधिकारियों को बजट पेश होने तक एक खास जगह नजरबंद कर दिया जाता है और बाकी दुनिया से इनका संपर्क कुछ दिन के लिए कट सा जाता है।

छपाई में शामिल सभी अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं। उन्हें यहां से बाहर जाने की इजाजत नहीं होती। बजट की गोपनीयता बनी रहे इसलिए उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जाता। बजट तैयार करने की प्रक्रिया में टीम के सभी सदस्यों पर नजर रखी जाती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक टीम हर किसी की गतिविधि और उनके फोन कॉल्स पर बराबर नजर रखती है।

बजट अधिकारियों में से सबसे ज्यादा निगरानी स्टेनोग्राफरों की होती है। साइबर चोरी की संभावनाओं से बचने के लिए स्टेनोग्राफर के कम्प्यूटर नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (nic) के सर्वर से दूर होते हैं। जहां ये सारे लोग होते हैं वहां एक पावरफुल जैमर लगा होता है ताकि कॉल्स को ब्लॉक किया जा सके और किसी भी जानकारी को लीक न होने दिया जाए।

कौन लोग होते हैं शामिल

बजट तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान वित्त मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ विशेषज्ञ, प्रिंटिंग टेक्नीशियन और कुछ स्टेनोग्राफर्स नॉर्थ ब्लॉक में नजरबंद हो जाते हैं।

कहां छपता है देश का बजट?

चूंकि, गोपनीयता बनी रहे इसलिए वित्त मंत्री का बजट भाषण घोषणा के दो दिन पहले ही प्रिंटिंग के लिए दिया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि पहले बजट के पेपर्स राष्ट्रपति भवन के अंदर प्रिंट होते थे, लेकिन साल 1950 के बजट के लीक हो जाने के बाद बजट मिंटो रोड के एक प्रेस में छपने लगा। साल 1980 से बजट नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में छप रहा है।