पीयूष गोयल: कोरोना काल में मिल, थोक व्यापारी या खुदरा विक्रेता ने की जमाखोरी तो खैर नहीं

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गोयल ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों की समीक्षा की और राज्य सरकारों से जमाखोरी रोकने के लिए इस कानून को लागू करने को कहा।खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को अपने अधिकारियों को राज्यों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया। मंत्री ने उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि असामान्य कीमतों के झटकों को कम करने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक बफर बनाने रखने को लेकर जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए।

एक सरकारी बयान में कहा गया, ”केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि कोई मिल, थोक व्यापारी या खुदरा विक्रेता आदि कोविड स्थिति का अनुचित लाभ उठाने और आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी करने की कोशिश करते हैं तो राज्यों के द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया जाना चाहिए। हाल ही में एक बैठक में उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने राज्य के अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को उचित स्तर पर बनाए रखने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया था।

जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए कड़े निर्देश

जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए मिल मालिकों, व्यापारियों, आयातकों जैसे स्टॉक रखने वालों को अपने स्टॉक की घोषणा करने का निर्देश दिया गया था। दालों की आपूर्ति को बढ़ाने और कीमत वृद्धि को रोकने के लिए, वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में आपूर्ति को आसान बनाने को लेकर आयात नीति में बदलाव किया था। राज्य सरकारों को दालों की कीमतों पर साप्ताहिक आधार पर निगरानी रखने को कहा गया है। दलहन उत्पादक राज्यों से यह भी अनुरोध किया गया था कि वे किसानों को लंबी अवधि के आधार पर दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर खरीद की सुविधा प्रदान करें।.