सीएम शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से किया संवाद, प्रश्नों का दिया जवाब

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भोपाल । युवा संवाद के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के युवाओं को संबोधित कर रहे हैं और वे शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े उनके सवालों के जवाब भी दे रहे हैं। यह कार्यक्रम भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हो रहा है। युवा संवाद कार्यक्रम में 52 जिला मुख्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से 25 हजार से अधिक विद्यार्थी सीधा संवाद कर कर रहे हैं।

बैतूल की कृतिका चौरसिया ने सीएम शिवराज से पूछा कि आप तो गोल्ड मेडलिस्ट हैं तो अच्छे अंक कैसे लाएं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने अंदर आत्मविश्वास बनाकर रखें। उन्होंने तुलसीदास जी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब मैं पढ़ता है था तो मेरा मन, बुद्धि और चित्त सब एक साथ रहता था। सभी अपना लक्ष्य तय करें। छतरपुर की खुशी कुमारी ने पूछा कि एमबीए करना है घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कैसे पढ़ाई करें। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मेधावी योजना और गांव की बेटी योजना का लाभ लें। उमरिया से कीर्ति सिंह ने कहा कि हम पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी पढना चाहते हैं क्या करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्वरोजगार के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रम को जोड़ा गया है।

रीवा से अंजलि शर्मा ने पूछा कि मैं संगीत में पढ़ाई कर रही हूं। मेरा चयन दूसरे राज्य में प्रतियोगिता में हो गया था लेकिन अभिभावक जाने नहीं दिया। सीएम ने कहा कि अभिभावक अपनी पसंद का बोझ बच्चों पर नहीं डाले। मेरे पिता भी मुझे डाक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन मैं तो समाज की सेवा करना चाहता था। मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत की। 44 लाख बेटियों को अब तक लाभ मिला। अब पुलिस में 33 फीसद बेटियों की भर्ती की जाएगी और शिक्षा में 50 फीसद पदों पर भर्ती की जाएगी। अगर बेटियों पर कोई गलत नजर डालेगा तो सीधे बुलडोजर चलेगा। बुधनी से छात्रा निधि सिंह ने कहा कि कोविड काल का सामना अपने कैसे किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने अंदर से क्षमता है पैदा होती है।

ग्वालियर से आस्था तोमर ने पूछा कि सामाजिक सरोकार से जुड़कर कैसे कार्य करें। सीएम ने कहा कि युवाओं से कहा कि सामाजिक सरोकार से जुड़कर कार्य करें और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सबकुछ शामिल हैं। उज्जैन से विधान सक्सेना ने पूछा कि कृषि प्रधान प्रदेश है, पाठ्यक्रम से कैसे कृषि को जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि पाठ्यक्रम को जोड़ा गया है। इंदौर से आराध्य ने पूछा कि स्वच्छता को लेकर और आप क्या योजनाएं चलाएंगे। आप रोज ऐसा पौधा रोपण करते हैं इसका क्या उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने इंदौर के छात्रों को बधाई दी कि स्वच्छता में इंदौर नंबर वन है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने डिजी लाकर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कालेज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम में 24 लाख युवा जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला प्रदेश है। मंत्री ने कहा कि इस सत्र में सरकारी कालेजों को भवन बनाया जाएगा। साथ ही 528 सरकारी कालेजों में सुदृढ़ व्यवस्था को जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पढ़ाई की चिंता करें, फीस की जिम्मेदारी मेरी है।