दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मौन रहकर दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली । कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में उन लोगों को मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई, जिनकी दिल्‍ली में हुई हिंसा के दौरान मौत हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में सीएए समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच भड़की हिंसा पर चर्चा के लिए आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के साथ राजधानी के मौजूदा हालात पर चर्चा की है। कार्यसमिति की बैठक में राजधानी की स्थिति और इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार के कदमों पर चर्चा की जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि पार्टी की प्रदेश इकाई को प्रभावित इलाकों में शांति यात्रा निकालने और सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा जा सकता है। इस बीच, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए शांति एवं भाईचारा सुनिश्चित करने के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘यह गांधी, नेहरू, पटेल का भारत है। क्या कोई भी भारतीय बिना सोचे समझे की गई इस हिंसा को स्वीकार कर सकता है? कांग्रेस दिल्ली के लोगों से अपील करती है कि वे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें और देश को धर्म के आधार पर बांटने के सभी प्रयासों को विफल करें।’ उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन जारी हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जारी हिंसा, पथराव और हत्या की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है।

सुरजेवाला ने कहा, ‘हम इन दंगों की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि दोषियों की पहचान की जाए और वास्तविक दोषियों और शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।’ दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली हिंसा के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को असंवेदनशील और अदूरदर्शी नेताओं को सत्ता में लाने की कीमत चुकानी पड़ रही है।

चिदंबरम ने ट्वीट किया कि दिल्ली में हुई हिंसा और जानमाल का नुकसान सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। हमने चेतावनी दी थी कि सीएए गहरा विभाजनकारी है। इसे निरस्त कर देना चाहिए या छोड़ दिया जाना चाहिए। लेकिन, किसी ने हमारी बात नहीं सुनी।