मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामे के साथ शुरू हुआ मानसून सत्र, कल तक के लिए स्थगित

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भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई, आदिवासी दिवस पर अवकाश की मांग को लेकर आदिवासी विधायकों और कांग्रेस ने हंगामा किया। इसके पहले कांतिलाल भूरिया और आदिवासी विधायकों ने विधानसभा में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। ये सभी विधायक आदिवासी वेशभूषा में पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कमल नाथ के बीच तीखी बहस भी हुई। कमल नाथ ने विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भी श्रद्धांजलि दी, इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा किसी दिवस की श्रद्धांजलि होती है क्या। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस दिवंगत को श्रद्धांजलि के नाम पर घटिया राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की घोषणा बिरसा मुंडा की जयंती पर आदिवासी दिवस मनाएंगे और अवकाश भी रहेगा। निधन उल्लेख के बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कमल नाथ ने कहा- आदिवासी दिवस पर हमारी सरकार ने छुट्टी दी थी

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ ने कहा कि आज विश्व आदिवासी दिवस पर सरकार ने आदिवासियों का अपमान किया। हमने विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश दिया था, प्रदेश सरकार ने उस अवकाश पर रोक लगाई। भाजपा सरकार आदिवासी विरोध है, आदिवासी कोई ठेका और कमीशन का भूखा नहीं है। आदिवासी तो सिर्फ सम्मान का भूखा है। आदिवासी दिवस पर हमारी सरकार ने छुट्टी घोषित की थी और हर ब्लॉक में इस दिवस को मनाने के लिये पैसा भी भेजा था, ताकि आदिवासी वर्ग अपना त्योहार धूमधाम से मना सकें। कमल नाथ ने कहा कि यह विश्व आदिवासी दिवस है, यह सिर्फ मध्य प्रदेश का आदिवासी दिवस नहीं है। भाजपा सरकार ने तो इसे अब आदिवासी अपमान दिवस बना दिया है, बहुत बड़ा अपमान आज आदिवासी समाज का हुआ है। हमें इस बात का बड़ा दुख है। सवा दो करोड़ आदिवासी वर्ग की बात है, अगर छुट्टी कर देते तो क्या फर्क पड़ता।

निर्दलीय विधायक शेरा भैया पत्नी के साथ पहुंचे विधानसभा

विधानसभा में निर्दलीय विधायक शेरा भैया अपनी पत्नी जयश्री ठाकुर के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से मेरी पत्नी को खंडवा लोकसभा सीट से 100 प्रतिशत टिकट मिल रहा है। अगर कांग्रेस का सर्वे सच्चा है तो नाम हमारा ही होगा। उन्होंने कहा कि अरुण यादव को टिकट नहीं मिलेगा। आदिवासी हमारी ताकत है, हमारी जान है।

चार दिवसीय इस सत्र में शिवराज सरकार मिलावटी (जहरीली) शराब के मामलों में सख्त सजा का प्रविधान करने के लिए आबकारी अधिनियम में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेगी। इसमें बार-बार मिलावटी शराब का कारोबार करने वाले के लिए मृत्युदंड (फांसी) का प्रविधान किया जा रहा है। जुर्माने की राशि 25 लाख रुपये रखी जाएगी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए वित्त विभाग प्रथम अनुपूरक अनुमान (बजट) प्रस्तुत करेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर पालिका विधि (संशोधन) अध्यादेश पटल पर रखेगा। सरकार ने अनाधिकृत कालोनियों और निर्माण को नियमित करने के लिए अधिनियम में प्रविधान किए हैं। इसके संबंध में अब संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। सदस्यों ने एक हजार 184 प्रश्न पूछे हैं। वहीं, 17 स्थगन सूचनाएं सचिवालय को प्राप्त हुई हैं। इसमें महंगाई, जहरीली शराब से मौत, बाढ़ की स्थिति सहित अन्य विषय शामिल हैं।

श्रावण के तीसरे सोमवार पर आज सुबह मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने उज्जैन में महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि विधान सभा का संचालन ठीक से हो, प्रदेश के सभी विधायकों को स्वस्थ और कोरोना मुक्त रखने की कामना की।

कल सर्वदलीय बैठक में हुई थी यह बात

ग्वालियर-चंबल सहित अन्य क्षेत्रों में आई बाढ़ की स्थिति पर विधानसभा में चर्चा कराई जाएगी। इस पर रविवार को सर्वदलीय बैठक में पक्ष-प्रतिपक्ष के बीच सहमति बन गई। चर्चा का स्वरूप क्या होगा, इस पर निर्णय सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले होने वाली विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति में निर्णय लिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की अध्यक्षता में अध्यक्ष के सभाकक्ष में हुई बैठक में चार दिवसीय मानसून के संचालन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर हम सदन में चर्चा कराना चाहते हैं। इसके लिए सूचना भी दी गई है। सत्ता पक्ष की ओर से भी इस पर सहमति जताई गई।

संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में सदन की कार्यवाही के संचालन को लेकर विचार किया गया। बाढ़ के विषय पर चर्चा कराने की बात आई है। सोमवार को कार्यमंत्रणा समिति में विधेयक और बाढ़ के मुद्दे पर चर्चा कराने संबंधी विचार किया जाएगा। कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक डॉ.गोविंद सिंह ने कहा कि सदन में सारगर्भित चर्चा हो पर इस पर बैठक में विचार किया गया। बाढ़ सहित अन्य मुद्दों को लेकर कार्यमंत्रणा समिति में निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष एनपी प्रजापति, सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, बसपा विधायक संजीव कुशवाह, विस के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।