मध्‍य एशिया में शांति को लेकर अफगानिस्‍तान और पाक की पहल, US रक्षा सचिव से फोन पर की वार्ता

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वाशिंगटन । अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क ओशो ने कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख क़मर जावेद बाजवा ने फोन पर मध्‍य एशिया में बढ़ते तनाव का कम करने के मुद्दे पर वार्ता की है। उन्‍होंने कहा कि इस वार्ता में अमेरिका ने अपना दृष्टिकोण साफ कर दिया है कि अमेरिका कभी भी क्षेत्र में संघर्ष का हिमायती नहीं है, लेकिन यदि युद्ध थोपा गया तो वह जबरदस्‍त प्रतिेक्रिया देगा। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा अपने सहयोगियों को बोलने की सराहना करता हूं। हम सभी ईरान के साथ तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच संबंध बेहद कटु हो गए हैं। ईरान ने अपने जनरल की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। इस क्रम में उसने मध्‍य एशिया में अमेरिकी सैन्‍य ठिकानों पर हमला भी किया है। हालांकि, इस हमले में किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन इस घटना के बाद तनाव और बढ़ गया है। इस हमले के बाद चीन और रूस ने इस तरह से हमले को रोकने का आग्रह किया है। इस बीच ट्रंप प्रशासन ने इस मुद्दे को लेकर दुनिया के विभिन्न नेताओं से संपर्क किया है।

इस बीच अमेरिका के दो सैन्‍य ठिकानों पर ईरानी हमले के बाद ईरान का आधिकारिक बयान सामने आया है। ईरानी विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने साफ किया कि हम इस क्षेत्र में युद्ध या टकराव नहीं चाहते हैं, लेकिन किसी भी हमले का बचाव जरूर करेंगे। हम आत्‍मरक्षा के अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों पर अमल करेंगे। वहीं ईरानी राष्‍ट्रपति हसन रुहानी के एक सहायक ने कहा कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद हुई किसी भी अमेरिकी जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ सकता है।

इस बीच ईरान के साथ तनाव के बीच व्हाइट हाउस के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बात दें कि मंगलवार की रात ईरान ने इराक में अमेरिका के दो सैन्‍य ठिकानों पर एक दर्जन से ज्‍यादा मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने करीब साढ़े पांच बजे इराक में अमेरिकी और गठबंधन सेना के ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया। हालांकि इस हमले में अमेरिका की अगुवाई वाली गठबंधन सेनाओं को अभी तक किसी भी नुकसान की खबर नहीं है।