कैबिनेट के फैसले : अब सरकारी नौकरियों के लिए एक टेस्‍ट, NRA लेगी परीक्षा, गन्‍ने की कीमत भी बढ़ी

0
323

नई दिल्‍ली। सरकारी भर्ती प्रक्रिया में सुधार की बड़ी पहल करते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब ग्रुप ‘बी’ और ‘सी’ के नॉन टेक्निकल पदों पर भर्ती के लिए आवेदकों को एक ही ऑनलाइन कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) देना होगा। इस टेस्ट के आधार पर वे अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए मुख्य परीक्षाओं में शामिल होने के पात्र होंगे। सीईटी में सफल अभ्यर्थी तीन साल सीधे मुख्य परीक्षा दे सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।

ऐसी होगी व्यवस्था

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) विभिन्न भर्ती बोर्ड के लिए ऑनलाइन कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) का आयोजन करेगी। इसके तहत ग्रुप ‘बी’ एवं ‘सी’ के नॉन टेक्निकल पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा होगी। सीईटी में सफल होने वाले अभ्यर्थी संबंधित बोर्ड की मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। मुख्य परीक्षा में विफल होने के बाद भी उन्हें तीन साल तक सीधे मुख्य परीक्षा देने की अनुमति होगी।

इसलिए पड़ी जरूरत

अभी सरकारी नौकरी के लिए अभ्यर्थियों को एक जैसी पात्रता की शर्ते होने के बावजूद अलग-अलग भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता है। इससे अभ्यर्थियों पर परीक्षा की फीस से लेकर अन्य कई खर्चो का दबाव पड़ता है। कई बार परीक्षा केंद्रों तक आना-जाना भी बड़ी चुनौती होती है। प्रत्येक परीक्षा में औसतन ढाई से तीन करोड़ अभ्यर्थी बैठते हैं। सीईटी से अभ्यर्थियों और विभिन्न सरकारी विभागों का खर्च कम होगा और व्यवस्था आसान होगी।

एनआरए का स्वरूप

एनआरए स्वायत्त एजेंसी होगी, जिसका मुख्यालय दिल्ली में रहेगा। एजेंसी के चेयरमैन का पद केंद्र में सचिव के स्तर का होगा। इसके बोर्ड में उन सभी विभागों का प्रतिनिधित्व होगा, जिनके भर्ती बोर्डो को इससे जोड़ा जाएगा।

सीईटी की अहम खूबियां

1- राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी साल में दो बार करेगी सीईटी का आयोजन

2- रजिस्ट्रेशन से लेकर परीक्षा व मेरिट लिस्ट तक सब ऑनलाइन

3- 12 भाषाओं में दिया जाएगा सीईटी में शामिल होने का विकल्प

4- 10वीं, 12वीं और स्नातक पास आवेदकों के लिए अलग-अलग टेस्ट

5- मानक पाठ्यक्रम के आधार पर पूछे जाएंगे बहुविकल्पीय प्रश्न

6- सुरक्षा के उच्च मापदंड अपनाए जाएंगे, टेस्ट के तुरंत बाद नतीजा मिल जाएगा

7- अधिकतम उम्र सीमा तक कई बार दे सकेंगे परीक्षा

8- हर जिले में होगा परीक्षा केंद्र, हजार से ज्यादा केंद्र खोले जाएंगे

9- पहले चरण में आरआरबी, एसएससी और आइबीपीएस को जोड़ा गया

10- एजेंसी के लिए 1,518 करोड़ का आवंटन, तीन साल में होगा खर्च

11- राज्यों के भर्ती बोर्ड और निजी क्षेत्रों को भी शामिल करने की योजना

तीन साल वैलिड रहेगी CET की मेरिट लिस्ट

केद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (Common Entrance Test, CET) की मेरिट लिस्ट तीन साल तक मान्य रहेगी। इस दौरान कैंडिडेट अपनी योग्यता और प्राथमिकता के हिसाब से अलग-अलग सेक्टर में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है। सरकार के इस फैसले से नियुक्तियों और चयन में आसानी होगी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी एक क्रांतिकारी सुधार है। इससे इज ऑफ रिक्रूटमेंट, इज ऑफ सिलेक्शन, इज ऑफ जॉब प्लेसमेंट और इज ऑफ लीविंग आएगा। विशेष रूप से उन युवाओं के लिए जो किसी असुविधा के कारण बहुत सारी परीक्षाओं में नहीं बैठ पाते थे।

1,517.57 करोड़ रुपये आवंटित

एनआरए के लिए सरकार ने 1,517.57 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसे तीन साल में व्यय किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर और डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि एनआरए के गठन को मंजूरी के साथ ही इसमें फिलहाल तीन भर्ती बोर्डो रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और बैकिंग कर्मचारी चयन संस्थान (आइबीपीएस) को शामिल किया गया है। आगे केंद्रीय सेवाओं से जुड़े अन्य भर्ती बोर्डो को भी इससे जोड़ा जाएगा। अभी देशभर में केंद्रीय स्तर की नौकरियों से जुड़े करीब 20 भर्ती बोर्ड हैं।

आरक्षित वर्ग को उम्र सीमा में छूट मिलती रहेगी

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एनआरए में विशेषज्ञ होंगे जो केंद्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक लाएंगे। अभी तक तीन प्रमुख एजेंसियों द्वारा अनेक कॉमन टेस्ट लिए जाते हैं। समय के साथ अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया जाएगा। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में छूट मिलती रहेगी। आगे चलकर सीईटी (समान योग्यता परीक्षा) के अंक केंद्र सरकार, राज्य सरकार केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों निजी क्षेत्र की अन्य भर्ती एजेंसियों के साथ भी साझा किए जा सकेंगे। इससे भर्ती में लगने वाला पैसा और समय बचेगा।

देश में 1000 केंद्र बनेंगे

एनआरए के गठन के साथ ही 117 जिलों में परीक्षा के लिए अधोसंरचना के निर्माण के लिए भी राशि खर्च की जा सकेगी। सिंह ने कहा कि अभी देश में सीईटी के लिए 1000 परीक्षा केंद्र बनाए जाने की योजना है। हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र होगा। ज्यादा उम्मीदवारों की संख्या होने पर इन केंद्रों की संख्या एक से ज्यादा भी हो सकती है। इसके तहत पहले चरण में देश में एक हजार परीक्षा केंद्र खोले जाएंगे। उद्देश्य यह है कि खासकर महिलाओं और दूरदराज के क्षेत्रों के आवेदकों को आसपास ही सुविधा उपलब्ध हो।

राज्य की नौकरियों के लिए अलग से आवेदन नहीं

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह इसे लेकर राज्यों से जल्द ही बात करेंगे। इच्छुक राज्य एनआरए के साथ एमओयू साइन कर उससे जुड़े सकेंगे। इससे उनके संसाधनों की बचत होगी। साथ ही उन्हें भर्ती के लिए अलग से कोई परीक्षा कराने की जरूरत नहीं होगी। आवेदकों को भी राज्य की नौकरियों के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा। निजी क्षेत्र को भी इससे जोड़ने की योजना है।

पीएम मोदी बोले, पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए National Recruitment Agency एक वरदान साबित होगी। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए यह कई परीक्षणों को खत्‍म कर देगी। इस कदम से छात्रों का कीमती समय और संसाधनों की बचत होगी। इससे पारदर्शिता को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

शाह बोले, कई परीक्षाओं की बाधा दूर करेगा यह फैसला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट को लेकर केंद्रीय मंत्र‍िमंडल के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि यह फैसला युवाओं के हित में उठाया गया है। शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘आज भारत के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मैं PM को धन्यवाद देता हूं उन्होंने आज कैबिनेट में नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (NRA) को मंजूरी दी। यह परिवर्तनकारी सुधार कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के माध्यम से केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए कई परीक्षाओं की बाधा को दूर करेगा।’

गन्‍ने की कीमतें भी बढ़ीं

सरकार ने देश के एक करोड़ गन्ना किसानों के लिए भी बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी (FRP) दाम 10 रुपये बढ़ाकर 285 रुपए प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दे दी। यह दाम गन्ने के अक्टूबर 2020 से शुरू होने वाले नए विपणन सत्र के लिए तय किया गया है। यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिश पर किया गया है। सीएसीपी सरकार को प्रमुख कृषि उत्पादों के दाम को लेकर सलाह देने वाली संस्था है। एफआरपी गन्ने का न्यूनतम मूल्य होता है जिसे चीनी मिलों को गन्ना उत्पादक किसानों को भुगतान करना होता है।

डिस्कॉम्स को राहत दी

सरकार ने यह भी फैसला किया है कि डिस्कॉम्स को उनकी वर्किंग कैपिटल लिमिट से ज्यादा का कर्ज देने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन को और छूट दी जाएगी। जावड़ेकर ने बताया कि सरकार ने DISCOMs को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला किया है कि पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन इनको वर्किंग कैपिटल 25 फीसदी आधी लोन देने का जो अधिकार था वो इस साल वर्किंग कैपिटल लिमिट से ऊपर मिलेगा।

190 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा

जावड़ेकर ने बताया कि केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा देश के गन्‍ना किसानों को होगा। उन्‍होंने कहा कि इथेनॉल भी सरकार अच्छे दाम पर लेती है। सरकार ने पिछले साल 60 रुपए प्रति लीटर के दाम पर 190 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा था। केंद्र सरकार के सचिव सी चंद्रमौली ने इस फैसले पर कहा कि केंद्र सरकार में लगभग 20 से अधिक भर्ती एजेंसियां हैं। यद्यपि हम अब तक केवल तीन एजेंसियों के परीक्षाओं को सामान्य बना रहे हैं, लेकिन समय के साथ हम भविष्‍य में सभी भर्ती एजेंसियों के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा (Common Eligibility Test) कराएंगे।