सीएम की नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी योजना से पर्यटन मंडल ने मुंह फेरा

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरुवा, घुरुवा अऊ बाड़ी के अंतर्गत ग्रामीण के साथ शहरी क्षेत्रों के विकास में प्रशासन जुटा हुआ है। वहीं पर्यटन मंडल के इकाइयों में शासन के निर्देश के बाद भी योजन का क्रियान्वयन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

आपको बताया दें कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित इकाइयों में नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी की तर्ज पर इसका विकास करना है। इसमें संचालित परिसर को किचन-गार्डन के रूप में विकसित करना है। फल-फूल, औषधीय पौधे वृहद पैमाने पर लगाने के साथ ही ऑर्गेनिक खाद तैयार करने की योजना है, लेकिन विभाग द्वारा इसे लेकर कागजों के अलावा जमीनी स्तर पर कार्य करना प्रारंभ ही नहीं किया गया है। शासन जहां एक ओर इस योजना को ग्रामीण के साथ शहरी क्षेत्रों में भी लागू कर वृहद पैमाने पर विकास कर रही है। वहीं पर्यटन मंडल द्वारा इसे लेकर अनदेखी की जा रही है। ऐसे में मंडल द्वारा योजना के बेहहर क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगा है।

50 इकाइयां, लेकिन आधी बंद

पर्यटन मंडल द्वारा रेस्ट हाउस, मोटल, होटल सहित 50 इकाइयां संचालित हैं। इसमें से आधे तो बंद हैं, वहीं जो चल रहे हैं। उसमें भी पर्यटकों के आने की संख्या कम ही है। व्यवस्था बेहतर न होने की वजह से लोग रुकने में भी कतराने लगे हैं।

हर साल आते हैं डेढ़ करोड़ पर्यटक

विभाग के अनुसार विदेश और घरेलू मिलाकर लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक पर्यटक छत्तीसगढ़ हर साल आते हैं। वहीं मुख्यालय को छोड़ दें तो पर्यटन स्थलों के आसपास सुविधा का विकास न होने की वजह से पर्यटक कतराने लगे हैं।

पर्यटन की संचालित इकाइयां

मोटल – 15

होटल – 2

रिसॉर्ट – 6

रेस्ट हाउस – 14

पर्यटन केंद्र – 13

फैक्ट फाइल

सितंबर 2019 की स्थिति में

घरेलू – 1,13,26,156

विदेशी – 3874

कुल पर्यटक – 1,13,30,030

वर्जन

पर्यटन मंडल द्वारा 37 इकाइयां संचालित हैं। नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी योजना का क्रियान्वयन किया जाना है। अभी मंडल की कुछ इकाइयां बंद हैं। ऐसे में इसकी शुरुआत नहीं की गई है। आगामी वर्ष से मंडल द्वारा योजना के लिए बनी रूपरेखा के अनुसार कार्य किया जाएगा।

– शुभदा चतुर्वेदी, जनसंपर्क अधिकारी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल