20 जनवरी को होगा बीजेपी के नए राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष का चुनाव

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नई दिल्‍ली: बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा 20 जनवरी को होने की संभावना है. इस संबंध में 19 जनवरी को नामांकन होगा. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए एकमात्र उम्मीदवार हो सकते है. यानी 20 जनवरी को जे पी नड्डा का बीजेपी का नया अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है. उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी में नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. पार्टी संविधान के अनुसार 50 फीसदी से ज्यादा राज्‍यों में संगठन का चुनाव हो जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है. बीजेपी में अभी राज्यों में संगठन का चुनाव हो रहा है. सूत्रों की मानें तो 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक शुभ मुहूर्त नहीं होने के कारण अधिकतर राज्यों ने केंद्रीय नेतृत्व से 15 जनवरी के बाद अपने अध्यक्ष के निर्वाचन किये जाने का आग्रह किया था. ऐसे में 16, 17 और 18 जनवरी तक न सिर्फ 50 फीसदी , बल्कि 80 फीसदी राज्यों में चुनाव संपन्‍न करा लिया जायेगा.

इसलिए पार्टी सूत्रों के अनुसार 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का उम्मीदवार अपना नामांकन करेगा. इसके लिये राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह समय तय करेंगे. एक ही नामांकन होने पर भी चुनावी प्रक्रिया का पालन किया जायेगा. यानी अध्यक्ष के लिये पार्टी संविधान के अनुसार जो सेट परफॉर्मा होता है, उसकी स्क्रूटिनी होगी. दूसरे दिन यानी 20 जनवरी को राधामोहन सिंह नए अध्यक्ष के निर्वाचन की घोषणा करेंगे.

माना जा रहा है कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिये एकमात्र उम्मीदवार होंगे. इसलिए पूरी संभावना है कि 20 जनवरी को जे पी नड्डा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हो जाएं.

सूत्रों के अनुसार बीजेपी में नए अध्यक्ष का चुनाव हमेशा से एक उत्सव की तरह मनाया जाता रहा है. चाहे 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी का चुनाव हो या 2014 में अमित शाह का अध्यक्ष बनना. पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और राज्य और केंद्रीय नेताओं के समक्ष नया अध्यक्ष कार्यभार संभालता है.

इस बार भी माना जा रहा है कि बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी सहित बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे.

पार्टी संविधान के अनुसार नए अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद उसके नाम पर राष्ट्रीय परिषद में मुहर लगनी जरूरी है. इसलिय संभावना है कि राष्ट्रीय परिषद की एक दिवसीय बैठक भी जल्द बुलाई जाये. जो शायद दिल्ली में ही हो.