श्रीलंका के राष्‍ट्रपति ने मोदी को बोला Thanks, कोरोना को लेकर सार्क देशों की पहल को सराहा

0
179

कोलंबो । कोरोना वायरस को लेकर सार्क देशों के नेताओं के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस के आयोजन के लिए श्रीलंका के राष्‍ट्रपति गोताबैया राजपक्षे ने ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्‍यवाद दिया है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल काफी रचनात्‍मक है। उन्‍होंने कहा कि कोरोना को लेकर सार्क देशों की एकजुटता काफी सराहनीय रही। राष्‍ट्रपति ने इस बाबत मोदी को इस कार्यक्रम के लिए अपने देश का पूर्ण समर्थन देने का वादा किया।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस सार्क देशों के सभी आठ देशों (भारत, पाकिस्तान, नेपाल, अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव और भूटान) के प्रतिभागियों ने अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। 6000 से अधिक लोगों की जान लेने वाले महामारी से लड़ने के सभी देशों ने अपने अनुभवों को साझा किया। इस सम्मेलन में प्रधान मंत्रीमोदी ने सभी देशों से स्वैच्छिक योगदान के आधार पर एक COVID-19 आपातकालीन निधि के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिसमें भारत ने निधि के लिए 10 मिलियन अमरीकी डालर का प्रारंभिक प्रस्ताव दिया।

कोरोना से निपटने के लिए मोदी ने इमरजेंसी फंड का दिया प्रस्‍ताव

बता दें कि दुनिया के सभी देश अलग-अलग कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं। वहीं भारत ने पहली बार एक क्षेत्रीय समूह की ओर से साझा प्रयास की पहल की। पीएम मोदी ने कोविड-19 इमरजेंसी फंड बनाने के साथ ही कहा कि भारत के विशेषज्ञ डाक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों व वैज्ञानिकों की टीम सार्क के देशों के कहने पर कहीं भी जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि एक हफ्ते के भीतर सार्क देशों में कोरोना से निपटने में जुटे विशेषज्ञों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें वे अपने-अपने अनुभवों को साझा करने के साथ ही एक-दूसरे की मदद करने योग्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने मोदी की तारीफ की

वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख हसीना और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मुहम्मद सालिह ने कोरोना ग्रस्त इलाकों से अपने नागरिकों को बचाने के लिए पीएम मोदी की तारीफ की। सालिह ने कोरोना के कारण आए आर्थिक संकट का हवाला देते हुए इससे उबरने के लिए साझा प्रयास पर बल दिया। वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने राष्ट्राध्यक्षों की तरह से सभी देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों, स्वास्थ्य सचिव और विशेषज्ञों का भी इसी तरह का सम्मेलन बुलाने का सुझाव दिया। जबकि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कोरोना से ग्रसित मरीजों के इलाज के लिए सभी देशों के संसाधनों के साझा इस्तेमाल पर बल देते हुए मरीजों के इलाज के लिए एक-दूसरे देशों के अस्पतालों में भर्ती की इजाजत देने की अपील की।