Salkanpur Devi Lok : सीएम शिवराज सिंह चौहान रखेंगे आधारशिला । महाकाल लोक की तर्ज पर बनाया जाएगा सलकनपुर में देवी लोक

0
57

मध्य प्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है। यहां पर कई सारे धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल मौजूद है जहां दूर-दूर से घूमने के लिए पर्यटक आते हैं। इन्हीं में से एक है मध्यप्रदेश राज्य की राजधानी भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित सलकनपुर मंदिर, जहां की मान्यता काफी ज्यादा है। यहां देशभर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। अब सलकनपुर में महाकाल लोक की तर्ज पर देवी लोक बनाया जाना वाला है।

इसको लेकर आज सीएम शिवराज सिंह चौहान आधारशिला रखेंगे। सलकनपुर में 29 मई से प्रारंभ हुए देवी लोक महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 31 मई यानी आज आयोजित किया जाएगा। देवी लोक महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। देवी लोक में देवी के नौ रूपों तथा 64 योगिनी को शास्त्रों में वर्णित कथाओं के साथ आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

आपको बता दे, ये देवी लोक 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना कर तैयार किया जाएगा। इसके बनाने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, देवी लोक सलकनपुर में 64 योगिनी और माता के 9 स्वरूपों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। देवी लोक बनाने के बाद विंध्याचल के पर्वत पर विराजमान विंध्यवासिनी बिजासन माता का सलकनपुर मंदिर जल्द ही भारत भर में लोकप्रिय माता मंदिर बन जाएगा। साथ ही आगामी नवरात्र में मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम किया जाएंगे।

Salkanpur Devi Lok : सलकनपुर मंदिर का इतिहास
इस मंदिर का इतिहास बहुत ही दिलचस्प हैं। कहा जाता है कि ये मंदिर 300 साल पुराना है। यहां का निर्माण कुछ बंजारों द्वारा करवाया गया था। ये बंजारे पशुओं का व्यापर करते थे। एक दिन वो सभी यहां रुके थे। तभी उनके पशू एकदम से गायब हो गए। जब वह उन्हें ढूंढ़ने निकले तो रस्ते में एक छोटी सी लड़की मिली।

बंजारों ने लड़की से कहा की हमारे पशू घूम गए है तो उसने कहा कि यहां माता के स्थान पर मनोकामना मांग सकते हैं। ऐसे में बंजारों ने जवाब देते हुए कहा कि हम नहीं जानते कि यहां पर माता का स्थान कहां पर है। तभी लड़की ने एक पत्थर फेंका और बंजारों को संकेत दिया।

उसके बाद माता के दर्शन उन सभी को हुए। यहां माता की पूजा भी बंजारों ने की। उसके बाद उन्हें अपने गुमे हुए पशू मिल गए। मनोकामना पूरी होने के बाद बंजारों ने यहां पर मंदिर बनवाया था। तब से इस मंदिर की मान्यता काफी ज्यादा है। यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती हैं।

सलकनपुर मंदिर का धार्मिक महत्व
यह मंदिर 1000 फीट की खड़ी पहाड़ी पर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि बिजासन माता के इस मंदिर में जो भी भक्त मनोकामना मानता है वो कभी खाली नहीं जाती। यहां पहाड़ी के ऊपर बिजासन माता अपने दिव्य रूप में विराजमान है।

सलकनपुर मंदिर में माता के दर्शन करने का समय
मंदिर सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे तक खुला रहता है। ऐसे में आप कभी भी आ कर यहां दर्शन कर सकते हैं। ये मंदिर भक्तों के लिए खुला रहता हैं। आप यहां सीढ़ियां, रोपवे और वाहन से आ सकते हैं।