Reservation in promotion : पदोन्नति में आरक्षण मामले में मध्‍यप्रदेश सरकार ने बदला पूरा पैनल

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भोपाल । Reservation in promotion : सुप्रीम कोर्ट में पिछले तीन सालों से पेंडिंग चल रहे पदोन्न्ति में आरक्षण मामले में मध्‍यप्रदेश सरकार ने वकीलों का सारा पैनल बदल दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह सरकार की ओर से पैरवी करेंगे।

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने पदोन्न्ति में आरक्षण मामले में अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संगठन के दबाव में पैनल में कुछ लोगों को रखवाया था, करोड़ों रुपए का भुगतान भी करवाया गया था। जिनका कोई प्रभावी रिजल्ट नहीं रहा। संभावना है कि शीतकालीन अवकाश के बाद पदोन्नति में आरक्षण मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

मप्र हाई कोर्ट द्वारा अप्रैल 2016 में मप्र लोकसेवा पदोन्नति नियम 2002 को खारिज किए जाने के बाद से शासकीय कर्मचारियों की पदोन्न्ति बंद है। राज्य सरकार ने इसी कारण कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 कर दी थी। अब मार्च 2020 से फिर सेवानिवृत्ति प्रारंभ हो जाएगी तो कर्मचारी और अधिकारी बिना पदोन्नत हए सेवानिवृत्त होने लगेंगे।

पिछले तीन साल से मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों की पदोन्न्ति पर रोक लगी हुई है। इसकी वजह है मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का वह फैसला, जिसमें कोर्ट ने मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2002 को खारिज कर दिया था। इस नियम के तहत एसटीएससी कर्मचारियों को पदोन्नति में भी आरक्षण की व्यवस्था दी गई थी। तत्कालीन शिवराज सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। तब से मामला यथाथिति के निर्देश के साथ लंबित है।

नहीं निकला सशर्त पदोन्नति का रास्ता

जुलाई के महीने में विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने भी सदन में पक्ष-विपक्ष के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ की एक कमेटी बनाने का ऐलान किया था ताकि पदोन्न्ति के लिए रास्ता निकाला जा सके। इसके बाद सामान्य प्रशासन मंत्री डा गोविंद सिंह ने पदोन्नति के नियमों का मसौदा जीएडी से मांगा। पर कानूनी जानकारों का सवाल यह है कि बिना सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के कोई रास्ता नहीं निकाला जा सकता है। वे कहते हैं कि जब पदोन्नति का कोई नियम ही अस्तित्व में नहीं है तो पदोन्नति कैसे दी जा सकती है।

कोशिश कर रहे हैं : डॉ. गोविंद सिंह

सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह कहते हैं कि पदोन्नति में आरक्षण विषय पर सुप्रीम कोर्ट में नया पैनल तैयार कर दिया गया है। सशर्त पदोन्न्ति का भी कोर्ट से आग्रह किया है। सुनवाई के बाद राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं मप्र के पूर्व एडवोकेट जनरल पुरुषेंद्र कौरव कहते हैं कि सरकार को पदोन्नति शुरू करने से पहले नए नियम बनाना पड़ेगा पर इसमें संदेह ये है कि किसी ने नए नियम को चुनौती दी तो फिर मामला उलझ सकता है।