Raipur Nagar Nigam : कामगारों का डेबिट कार्ड तक ठेकेदार ने कर रखा था जब्त

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रायपुर। रायपुर नगर निगम में नया मामला सामने आया है। राजधानी को साफ सुथरा रखने वाले सफाई कामगारों को पिछले दस साल से उनकी मेहनत की कमाई का पूरा पैसा नहीं दिया जा रहा था। ठेकदार ने उनका डेबिट कार्ड और पासवर्ड भी अपने पास रख लिया था। सफाई कामगारों को प्रतिमाह मिलने वाले वेतन से ठेकेदार द्वारा कम दिया जाता था। ठेकेदारों का यह खेल पिछले कई सालों से चल रहा था। सोमवार को नवनिर्वाचित महापौर एजाज ढेबर ने स्वच्छता अमले की बैठक ली। बैठक में मामला सामने आते ही सफाई कामगारों को डेबिट कार्ड वापस करने कहा गया।

कामगारों को नियमानुसार प्रतिमाह सात हजार 947 रुपये पीएफ और सुरक्षा निधि काटकर देने का निर्देश दिया गया है। रायपुर नगर निगम के कुल 70 वार्डों में अलग-अलग ठेकेदारों के माध्यम से तकरीबन कुल 2360 सफाई कामगार शहर को साफ सुथरा रखने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।

निगम के आठों जोन से प्रतिमाह कुल तीन करोड़ रुपये भुगतान किया जाता है। इसमें एक सफाई कर्मचारियों को प्रतिमाह सात हजार 947 रुपये मिलना है, लेकिन ठेकेदारों द्वारा उनको छह हजार रुपये ही दिया जा रहा था। एक सफाई कामगार का करीब दो हजार रुपये प्रतिमाह ठेकेदारों द्वारा दबा दिया जाता था।

निगम के स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन ने बताया कि ठेकेदारों द्वारा करीब पचास लाख रुपये प्रतिमाह हजम कर लिया जाता था। उनका कहना था कि इस गंभीर मुद्दे को निगम की सामान्य सभा में उठाया गया था लेकिन उसके बाद भी ठेकेदारों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।

ठेकेदारों द्वारा ऐसे दिया जाता था वेतन

निगम के अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार निगम से पैसे मिलने के बाद बैंक से छह हजार रुपये निकालकर कामगारों को देते थे। बाकी बचे हुए पैसे को वह खुद रख लेते थे। अब महापौर ने प्रतिमाह सभी प्लेसमेंट सफाई कामगारों को समय पर नियमित रूप से मासिक वेतन देने तथा अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शहर में स्वच्छता को लेकर कोई हीलाहवाला और लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आठ घंटे करेंगे काम

बैठक में सफाई कामगारों ने बताया कि यदि पूरा वेतन मिलने लगेगा तो वह छह घंटे के बजाय शहर को आठ घंटे तक साफ करेंगे। अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को कहा कि यदि अब ठेकेदार द्वारा एक भी रुपए की मांग की जाती है तो उसके खिलाफ अपराध दर्ज कराया जाएगा।

– सफाई ठेकेदारों द्वारा सफाई कामगारों का डेबिट कार्ड अपने पास रख लिया जाता था। वेतन आने पर उनको कम पैसे देते थे। अब सफाई कर्मचारियों से एक भी पैसा ठेकेदार मांगेगा तो उसके खिलाफ अपराध दर्ज कराया जाएगा। – पुलक भट्टाचार्य, अपर आयुक्त, रायपुर नगर निगम