आतंकी डीएसपी मामला एनआइए को सौंपने पर राहुल गांधी को आपत्ति, जानिए

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नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आतंकियों के साझेदार गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह से जुड़े मामले की जांच एनआइए को सौंपने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि देविंदर के मामले को दफन करने के लिए एनआइए को इसकी जांच सौंपी जा रही है। वहीं कांग्रेस ने पुलवामा आतंकी हमले के दौरान देविंदर की वहां तैनाती के मद्देनजर इस मामले की फिर से जांच कराने की मांग की।

आतंकियों को अपनी कार में ले जाने के दौरान पकड़े गए जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी देविंदर को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा,’आतंकी डीएसपी देविंदर को चुप कराने के लिए केस को एनआइए के सुपुर्द करना सबसे अच्छा तरीका है। एनआइए के प्रमुख एक दूसरे मोदी हैं जिन्होंने गुजरात दंगों और हरेन पांड्या की हत्या की जांच की थी।

इनकी देखरेख में इस केस को लगभग दफन होना ही माना जाए।’ राहुल ने इस मामले में गुरुवार को भी सवाल उठाते हुए देविंदर की आतंकियों से साठगांठ को देशद्रोह का गंभीर अपराध करार दिया था। साथ ही मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में छह महीने में सुनवाई पूरी कर देशद्रोह के अपराध में कठोरतम सजा दिए जाने की मांग भी उठाई थी।

साथ ही प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की देविंदर मामले में चुप्पी पर सवाल उठाया था। साथ ही यह सवाल भी दागा था कि पुलवामा हमले में देविंदर सिंह की क्या भूमिका थी और उसने अब तक कितने आतंकियों की मदद की व उसे कौन और क्यों बचा रहा था?

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार का यह नैतिक दायित्व है कि वह इसकी निष्पक्ष जांच करा कर संदेह के सवालों का समाधान करे। इस मामले में सरकार की चुप्पी संदेह को जन्म देती है क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है।

सुप्रिया ने कहा कि चूंकि देविंदर आतंकियों के साठगांठ में पकड़ा गया है और पुलवामा हमले के दौरान वहां तैनात रहा था इसलिए उसकी इसमें भूमिका की जांच किया जाना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी भारी मात्रा में हमले के लिए आरडीएक्स विस्फोटक कहां से और कैसे आए इसकी जांच होनी चाहिए। संसद पर हुए हमले में भी देविंदर के नाम आने के मामले की जांच की भी सुप्रिया ने पैरोकारी की।