केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर बोले, पीएम मोदी ने पहले ही दी थी कोविड-19 संकट के बारे में चेतावनी

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अहमदाबाद। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि 30 जनवरी को देश में पहला कोविड-19 मामला सामने आया था। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही जानते थे कि यह संक्रमण एक गंभीर खतरा है और पूरी दुनिया इससे प्रभावित होने वाली है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हाल के आतंकवाद-रोधी अभियानों का उल्लेख करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होगा।

जावडेकर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में सौराष्ट्र और मध्य गुजरात क्षेत्र के लिए जन सम्मान रैली नामक वर्चुअल रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल तक किसी ने भी कोरोना वायरस का नाम नहीं सुना था। भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी को (केरल में) में दर्ज किया गया था। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, पहला मामला सामने आने के लगभग एक महीने पहले पीएम हमें हर कैबिनेट मीटिंग में बताते थे कि यह एक गंभीर खतरा है और यह दुनियाभर में फैल सकता है।

जावडेकर ने अपने संबोधन में कहा, उन्होंने हमें इससे निपटने के लिए तैयारी करने और आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहा। यह एक नेतृत्व का संकेत है, जो अपने लोगों से प्यार करता है। जावडेकर ने कहा कि देश में कोरोना का एक भी अस्पताल नहीं था और पुणे में केवल एक जांच प्रयोगशाला – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी थी। अब भारत में कोरोना रोगियों की जांच के लिए लगभग 300 प्रयोगशालाएं और इलाज के लिए 800 अस्पताल हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक 1,41,029 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या 1,37,448 है। देश में अब तक संक्रमण की चपेट में आए लोगों का आंकड़ा बढ़कर 2.86 लाख और मरने वालों की संख्या 8,102 हो गई है। संक्रमण के करीब एक लाख नए मामले अकेले जून माह में आए हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और तमिलनाडु की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गुरुवार को महाराष्ट्र में 3607, दिल्ली में 1877, तमिलनाडु में 1875 और गुजरात में 513 नए मरीज सामने आए।