पीएम मोदी बोले, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अगले तीन-चार हफ्ते बेहद महत्वपूर्ण

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नई दिल्ली । देश के नाम संबोधन के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद के जरिए समन्वय बनाने की कोशिश की। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अगले तीन चार हफ्ते को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक तौर पर दूरी बनाने) को सबसे अहम हथियार करार दिया।

सोशल डिस्टेंसिंग को लागू करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दें

उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा वह अपने अपने राज्य में सोशल डिस्टेंसिंग को लागू करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दें। मोदी ने कहा है कि कोरोना महामारी का खतरा सभी के राज्यों पर एक समान है और यह समझने की जरूरत है कि कोई भी इस खतरे से अछूता नहीं है। सभी नागरिकों का इसमें सहयोग चाहिए, लेकिन बेवजह भय फैलाने की जरूरत नहीं है। इस महामारी को लेकर हमेशा सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कालाबाजारी रोकें

पीएम ने राज्यों की तरफ से उठाये गये कदमों की सराहना की। साथ ही सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के व्यापारिक संगठनों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कालाबाजारी रोकें। यह सुनिश्चित करें कि व्यापारी मौके का फायदा उठाकर जनता से ज्यादा कीमत न वसूलें। उन्हें समझाएं और इसके लिए राजी करें। जरूरी हो तो कानून का भी इस्तेमाल करें।
केंद्र के प्रयासों की सराहना की

मुख्यमंत्रियों की तरफ से भी केंद्र के प्रयासों की सराहना की गई। देश के नाम उनके संबोधन से पड़ने वाले प्रभाव की भी प्रशंसा की गई। साथ ही आग्रह किया गया कि टेस्टिंग सुविधा को बढ़ाया जाए। साथ ही 2020-21 की वित्तीय सहायता जल्द दी जाए। उनकी ओर से निजी अस्पतालों और लैब को भी बड़ी संख्या में जोड़ने की आग्रह किया गया।

उठाये जाने वाले कदमों के बारे में बताया

इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उठाये जाने वाले कदमों के बारे में बताया गया। सूदन ने बताया कि पीएम मोदी की व्यक्तिगत निगरानी में सारी व्यवस्था हो रही है। आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि भारत में अभी इस बीमारी का दूसरा चरण है। हम इसे फेज-तीन में जाने से रोक सकते हैं। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी केंद्र सरकार व पीएम मोदी को अभी तक के उपायों पर धन्यवाद दिया और अपने राज्यों में उठाये जाने वाले कदमों की जानकारी दी। केरल के सीएम पिनरई विजयन ने कहा है कि राज्य सरकार जनता कर्फ्यू का पूरा समर्थन करती है। 22 मार्च के राज्य परिवहन निगम की बसे बंद रहेंगी। मेट्रो की सेवा भी उस दिन नहीं चलेगी। लोगों को घर पर रहना चाहिए।

पीएम ने किया था कोरोना से निपटने के उपायों का उल्‍लेख

मालूम हो कि गुरुवार रात प्रधानमंत्री ने देश के नाम संदेश में कोरोना संकट की गंभीरता तथा उससे निपटने के उपायों का उल्लेख किया था। साथ ही आगाह करते हुए कहा था कि यह सोच ठीक नहीं है कि भारत ने संकट टाल दिया है। वैश्विक महामारी कोरोना के प्रति यह भाव उचित नहीं है। हर भारतीय के लिए यह जरूरी है कि सतर्क और संयमित रहे।’ उन्होंने कहा कि अध्ययनों से यह सामने आया है कि कई देशों में इस महामारी ने कुछ ही दिनों में विकराल रूप ले लिया तथा इससे संक्रमित लोगों की संख्या अचानक ही बहुत तेजी से बढ़ गई है।

कुछ संगठनों को मिलेगी जनता क‌र्फ्यू से छूट

उन्होंने राज्य सरकारों से भी आग्रह किया था कि वह जनता क‌र्फ्यू का लागू कराने में मदद करें। इसमें डाक्टर, मीडिया, अस्पतालों व एयरपोर्ट पर काम करने वाले अन्य लोगों को ही छूट मिलेगी। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि इस दौरान रूटीन चेकअप, किसी ऐसे आपरेशन जिसे टाला जा सकता हो उससे भी बचें। प्रधानमंत्री ने डाक्टरों, मीडिया, होम डिलीवरी करने वाले कर्मियों आदि के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनता क‌र्फ्यू के दौरान भी शाम पांच बजे पांच मिनट के लिए घर की बालकनी से ताली या थाली बजाकर ऐसे लोगों को धन्यवाद दें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि ‘यह क‌र्फ्यू तय करेगा कि हम कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए कितने तैयार हैं।’