आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, दिल्ली हिंसा पर विपक्ष करेगा हंगामा

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नई दिल्ली । आज संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली हिंसा में केंद्र सरकार की कथित विफलता पर इस्तीफा मांगेगी।बजट सत्र का पहला हिस्सा 31 जनवरी को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा दोनों सदनों के संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए शुरू हुआ था। उस समय सदन में सीएए पर विरोध देखा गया। यह बजट सत्र 3 अप्रैल तक चलेगा।

– दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर आम आदमी पार्टी(आप) के सांसदों ने संसद परिसर के अंदर गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

– कांग्रेस ने लोकसभा में दिल्ली हिंसा के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिया है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर ओम बिड़ला को दिल्ली में दंगों पर चर्चा के लिए सदन के सभी कारोबार को निलंबित करने का नोटिस दिया।संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर नियमानुसार चर्चा के लिए तैयार है।

– तृणमूल कांग्रेस (TMC) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने दिल्ली हिंसा को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।

– कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी और के सुरेश ने लोकसभा में दिल्ली हिंसा को लेकर स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। दिल्ली हिंसा पर आज सदन में हंगामे के आसार हा

– केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास विधेयक 2020 पेश करेंगी।

– केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन आज लोकसभा में गर्भावस्था की समाप्ति (संशोधन) विधेयक 2020 पेश करेंगे

– केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल आज राज्यसभा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 2019 को पेश करेंगे।

– संसद के बजट सत्र के शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी(आप) के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया है। सीपीआई (एम) सांसद केके रागेशसांसद ने भी दिल्ली में हुई हिंसा पर नियम 267 के तहत राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया है।

सत्र के हंगामेदार होने के आसार

सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे भाग के बहुत हंगामेदार होने के आसार नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां दिल्ली दंगे को लेकर विपक्षी दल एकजुट होकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं वहीं सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के प्रस्ताव के साथ पलटवार की तैयारी में जुटी है। माना जा रहा है कि एक महीने तक चलने वाले इस सत्र के पहले हफ्ते में तो कम से कम सदन के भीतर दंगे की तपिश महसूस की ही जाएगी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर शुरू हुआ विरोध दिल्ली में हिंसक रूप ले चुका है।

NPR को लेकर हंगामा !

बिहार विधानसभा ने एनपीआर को प्रस्तावित नए प्रारूप पर नहीं बल्कि 2010 के प्रारूप के आधार पर ही कराने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। जाहिर है कि इसने भी विपक्षी दलों को नैतिक दबाव बनाने का मौका दे दिया है। बिहार चुनाव अब महज छह सात महीने दूर है। ऐसे में विपक्ष ने कमर कस ली है। बताते हैं कि कांग्रेस ने दूसरे विपक्षी दलों से भी बात कर ली है और संसद में सरकार को एकजुट होकर घेरने की रणनीति बनी है। जाहिर है कि ऐसे मे सरकार के लिए अपने सारे कामकाज को निपटाना आसान नहीं होगा।