पीओके में आजादी की मांग ने पकड़ा जोर, लोगों की आवाज कुचलने में जुटा पाकिस्‍तान

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वाशिंगटन : कश्‍मीर मसले पर विश्‍व समुदाय से बार बार मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्‍तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह अभी भी इसे अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ले जाने की भरपूर कोशिशें कर रहा है। हालांकि, उसे गुलाम कश्‍मीर (Pakistan Occupied Kashmir) पर से नियंत्रण जाने का डर भी सताने लगा है। पीओके में पाकिस्‍तान से आजादी की मांग जोर पकड़ने लगी है। यही वजह है कि उसने वहां रहने वाले लोगों पर तमाम तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं। पाकिस्‍तान ने वहां आजादी की मांग को लेकर आवाज बुलंद करने वाले लोगों से कहा है कि वह ऐसी किसी भी मांग को बर्दाश्‍त नहीं करेगा।

अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीओके में तेज होती आजादी की मांग के बीच हाल के दिनों में सेना की गतिविधियां बढ़ी हैं। स्‍थानीय लोगों ने बताया कि गुलाम कश्‍मीर में आजादी की मांग को लेकर प्रदर्शनों की संख्‍या भी बढ़ी है। हजारों की संख्‍या में लोग अब पाकिस्‍तान के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं। वहीं भारत और पाकिस्‍तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पीओके पर पाकिस्‍तानी सेना का दबदबा भी बढ़ता जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने जब से कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 को खत्‍म किया है आतंकियों की हैवानियत भी बढ़ी है। हालांकि, पाकिस्‍तानी मीडिया इन खबरों को मुश्किल से प्रकाशित कर रहा है। पाकिस्‍तानी सेना में पीओके के हाथ से जाने के खौफ का आलम यह है कि वह इलाके में कई बार मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर चुका है। हालांकि, पाकिस्‍तानी सेना के हाथों कठपुतली माने जाने वाले पाकिस्‍तानी हुक्‍मरान मसूद खान ने फौज की कार्रवाइयों का बचाव किया है। सनद रहे कि पाकिस्‍तान ने मसूद खान को पीओके पर शासन के लिए नियुक्‍त किया है।