FATF की आंखों में धूल झोंक रहा पाक, आतंकी फंडिंग में दो आतंकियों को महज 15 दिन की कैद

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लाहौर । पाकिस्‍तान की एक आतंकवाद निरोधी अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि वह आतंकियों पर कार्रवाई करने का महज दिखावा कर रहा है। दरअसल, लाहौर की एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने आज यानी सोमवार को आतंकी फंडिंग के मामले में जमात-उद-दावा (Jamaat-ud-Dawah, JuD) के दो आतंकियों को महज 15 दिन कैद की सजा सुनाई है। यह सजा FATF (Financial Action Task Force) की आगामी बैठक से पहले सुनाई गई है। इस फैसले से सवाल उठ रहे हैं कि क्‍या पाकिस्‍तान आतंकी फंडिंग के मामलों को लेकर वाकई गंभीर है या वह एफएटीएफ समेत पूरी दुनिया की आंखों में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का महज दिखावा कर रहा है।

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अदालत ने जमात-उद-दावा के दो आतंकियों हाजी इकबाल (Haji Iqbal) और मुहम्‍मद हारिस (Muhammad Haris) को संघीय जांच एजेंसी (Federal Investigation Agency, FIA) द्वारा दर्ज मामले में दोषी करार देते हुए 15-15 दिन की कैद की सजा सुनाई। अदालत ने आतंकियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। FIA की काउंटर टेररिज्म विंग ने FATF के प्रति पाकिस्‍तान की प्रतिबद्धता दिखाने के लिए प्रतिबंधित संगठनों पर कार्रवाई के दौरान जमात-उद-दावा के इन दोनों सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

ऐसा नहीं है कि इन दोनों के खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं थे। अदालत ने अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने और संदिग्धों के खिलाफ सबूत पेश किए जाने के बाद अपना फैसला सुनाया। जमात-उद-दावा के इन दोनों सदस्यों पर Anti Terrorism Act 1997 के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए थे। जमात-उद-दावा (Jamaat-ud-Dawah, JuD) के इन दो सदस्‍यों के अलावा कई दूसरे आतंकियों के खिलाफ भी आतंकी फंडिंग के मामले चल रहे हैं। इनमें हाफ‍िज सईद और उसके साथी जफर इकबाल, मुहम्मद असराम, याहया मुजाहिद, अब्दुल रहमान मक्की जैसे खतरनाक आतंकी हैं। इन पर भी आतंकी फंडिंग के केस चल रहे हैं।