NRC Protest : एनआरसी नहीं लागू करने का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ विधानसभा में करें पारित

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रायपुर। NRC Protest एनआरसी पर देशभर में मचे बवाल के बीच छत्तीसगढ़ में अब एनआरसी लागू नहीं करने का प्रस्ताव विधानसभा में पास करने का दबाव बनने लगा है। संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत को पत्र लिखकर केरल विधानसभा की तर्ज पर छत्तीगसढ़ विधानसभा में एनआरसी लागू नहीं करने का प्रस्ताव पास करने की मांग की है। मोर्चा के संयोजक रामकृष्ण जांगड़े और राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकुमार बघेल ने कहा कि केरल विधानसभा ने इसका प्रस्ताव पास किया है। 16 जनवरी को छत्तीसगढ़ में विधानसभा का विशेष सत्र है। ऐसे में इसे कार्य सूची में शामिल किया जाए। साथ ही ओबीसी समाज की जातिगत जनगणना को सार्वजनिक करने की मांग भी की गई।

जांगड़े ने बताया कि 1931 में पहली बार ओबीसी आबादी 52 फीसद पाई गई थी। वर्ष 2011 की जातिगत जनगणना के आंकड़ों को षड़यंत्रपूर्वक सार्वजनिक नहीं किया गया। राज्य सरकार ने ओबीसी का आरक्षण 27 फीसद करने का फैसला किया, लेकिन भारत सरकार के जनगणना विभाग के वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण कोर्ट ने आरक्षण पर रोक लगा दी। अगर जातिगत जनगणना सार्वजनिक नहीं की जाती है, तो समाज दस साल पीछे हो जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने 2021 के जनगणना में ओबीसी समाज के जातीय जनगणना का प्रस्ताव पास किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

इतनी जल्दबाजी में क्यों है सरकार : डॉ रमन सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने एक दिन सत्र को लेकर सवाल खड़ा किया है। डॉ रमन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विपक्ष के सदस्य संशोधन देते हैं, जिसका सचिवालय परीक्षण करता है। एक ही दिन में अभिभाषण भी हो रहा है और फिर उस पर चर्चा भी। विधानसभा में सभी एक ही दिन में किया जा रहा है। कांग्रेस को इतनी जल्दबाजी क्यों है। इन्ही सब विषयों को लेकर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई है।