रामपथ निर्माण के लिए नया फार्मूला, दोनों छोर से एक साथ काम होगा शुरू, ट्रस्ट के हाथ होगी कमान

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भोपाल। राम वन गमन पथ के निर्माण के लिए कमलनाथ सरकार ने नया फार्मूला तय कर दिया है। जल्दी पथ के निर्माण के लिए दोनों छोर से एक साथ निर्माण काम शुरू होगा। इसके तहत दोनों ओर से 30-30 किमी का निर्माण पहले चरण में होगा। इसके लिए ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को रामपथ के निर्माण को लेकर बैठक की। इसमें अध्यात्म मंत्री पीसी शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे। शर्मा ने पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट रखी। इस पर सीएम ने साफ कहा कि रामपथ निर्माण जल्द होना चाहिए। इसमें औपचारिकताएं न हो, बल्कि ठोस तरीके से काम किया जाए। इसके तहत ट्रस्ट बनाने और पथ निर्माण का दायित्व सड़क विकास निगम को सौंपने के निर्देश दिए।

ट्रस्ट में साधु-संतों के साथ जन-प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। इसके निर्माण के लिए भगवान राम के प्रति आस्था रखने वालों से आर्थिक सहयोग भी प्राप्त किया जाए। पथ का निर्माण ट्रस्ट की निगरानी में हो। मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट का प्रारुप शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कमल नाथ ने कहा कि प्रथम चरण में 30 किलोमीटर अमरकंटक और 30 किलोमीटर चित्रकूट क्षेत्र से पथ का सर्वे कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। पथ के दोनों ओर पौधारोपण सहित जो भी सुविधाएं और सौंदर्यीकरण के कार्य हैं, उसकी भी योजना समय-सीमा में बनाई जाए। बजट को लेकर कहा कि निर्माण के लिए इस वर्ष बजट में 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अगले वर्ष भी राशि का पर्याप्त प्रावधान किया जाएगा।

निर्माण काम सड़क विकास निगम को-

मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण से जुड़े सर्वे आदि का दायित्व सड़क विकास निगम को देने के निर्देश दिए हैं। निगम अध्यात्म विभाग के मार्गदर्शन में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान शासकीय, वन एवं निजी भूमि चिन्हित कर उसके अधिग्रहण सहित अन्य औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण की चौड़ाई कम से कम 8 फिट रखने को कहा। उन्होंने पथ के गुणवत्तापूर्वक और त्वरित गति से निर्माण कार्य के लिए अत्याधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश भी दिए।

सीता माता मंदिर के लिए दल जाएगा-

बैठक में यह भी तय किया गया कि श्रीलंका में सीता माता के मंदिर निर्माण के लिए एक दल श्रीलंका सरकार से बात करने जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों का दल बौद्ध दर्शन के विश्व प्रसिद्ध स्थल बोधगया भी जाए और वहां के अनुभवों के आधार पर शीघ्र एक प्रोजेक्ट प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांची में भी जो कार्य किए जाने है, उसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट 10 दिन में तैयार करें और 30 दिन में क्या काम किए जाने हैं, इसे अंतिम रूप दिया जाए। गौरतलब है कि हाल ही में मंत्री शर्मा श्रीलंका में मंदिर प्रोजेक्ट का भ्रमण करके आए हैं। उन्होंने वहां की स्थिति सीएम को बताई।

मार्च तक 14 जिलों खुलेंगे मेगा स्किल सेंटर-

सीएम ने गुरुवार को ग्लोबल स्किल पार्क निर्माण की समीक्षा भी की। इसमें सीएम ने मार्च 2020 तक 14 जिलों में नए मेगा स्किल सेंटर खोलने के आदेश दिए। ये सेंटर प्रदेश के आदिवासी ब्लाकों में भी खोले जाएंगे। कमलनाथ ने कहा कि युवाओं में कौशल विकास हो, यह आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे हम बेरोजगारी की चुनौती का सामना कर सकेंगे। यह सेंटर खरगौन, इंदौर, गुना, ग्वालियर, सिंगरौली, रीवा, दमोह, सागर, राजगढ़, भोपाल, सिवनी, जबलपुर, शाजापुर एवं उज्जैन में मेगा स्किल सेंटर खोले जाएंगे।

किसान कर्जमाफी में टाइम-लाइन तय-

सीएम ने दूसरे चरण में 7 लाख किसानों की कर्जमाफी की समीक्षा भी की। दूसरे चरण में 4500 करोड़ रुपए के कर्ज माफ होना है। यहां सीएम ने कहा कि दूसरे चरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। अभी तक 27 हजार आवेदन आ चुके हैं। इस पर सीएम ने कहा कि सभी पात्र किसानों के आवेदन 31 जनवरी तक मिलना सुनिश्चित किया जाए।

बैंकों को विवादित प्रकरणों के निराकरण के लिए भी निर्देश दिए गए। सीएम ने कहा कि ने कहा कि जिन किसानों को कर्ज संबंधी जानकारी चाहिए, उनके आवेदन सीएम हेल्प लाइन के द्वारा स्वीकार कर उनका समाधान किया जाए। इस सुविधा का अभी तक 1 लाख 20 हजार किसानों ने लाभ उठाया है।