महाराष्ट्र में अकेले दम पर बहुमत की कोशिश में जुटी भाजपा, अमित शाह कर रहे मंथन

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नई दिल्ली । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पिछली बार स्पष्ट बहुमत से चूक जाने वाली भाजपा इस बार कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। वैसे शिवसेना के साथ सीटों के बंटवारे के बाद कम सीटों पर चुनाव लड़कर अकेले दम पर बहुमत हासिल करने की राह उसके लिए आसान नहीं होगी। शायद यही कारण है कि अमित शाह ने महाराष्ट्र भाजपा की कोर कमेटी के साथ बैठक में एक-एक सीट पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर गहराई से विचार-विमर्श किया।

वैसे अभी तक भाजपा का शिवसेना के साथ सीटों को लेकर अंतिम तौर बंटवारा नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा की कोशिश अपने हिस्से में अधिक-से-अधिक सीटें करने की होगी। शिवसेना भले ही खुले रूप से 288 सीटों वाली विधानसभा में आधी-आधी सीटों पर लड़ने का दावा कर रही हो, लेकिन दोनों इस बात पर राजी हैं कि पिछली बार जीती गई सीटों पर कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

103 सीटों के बंटवारे पर अटका मामला

पिछली बार अलग-अलग मैदान उतरी में भाजपा 122 और शिवेसना 63 सीटें में जीतने में सफल रही थी। यानी मामला बाकी बची हुई 103 के बंटवारे का है। एक फार्मूला इन 103 सीटों में आधी-आधी बांटने और दूसरे छोटे सहयोगी दलों के लिए दोनों की ओर से कुछ सीटें छोड़ने का है। जाहिर है ऐसे में भाजपा के हिस्से में 160 से अधिक सीटें आ सकती हैं।

शिवसेना को कम सीटों पर राजी करना आसान नहीं

कभी बड़े भाई की भूमिका में रही शिवसेना को लगभग 100 सीटों पर राजी करना आसान नहीं होगा। लेकिन किसी भी स्थिति में भाजपा और शिवसेना पिछली बार की तरह अकेले चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है। इसीलिए समझौता होना तय माना जा रहा है। अगले कुछ दिनों में अमित शाह और उद्धव ठाकरे की मुलाकात में इसपर मुहर लगने की उम्मीद है।

शाह खुद एक-एक सीट पर कर रहे मंथन

जाहिर है समझौते की स्थिति में भाजपा की सीटों की संख्या 160 के आसपास सिमट सकती है। जबकि स्पष्ट बहुमत के लिए 145 सीटों की दरकार है और इसे हासिल करने के लिए जीत का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी पहुंचाना होगा। इसके लिए अमित शाह खुद एक-एक सीट पर बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। हालत यह रही कि बैठक के दौरान नेताओं को दोपहर के भोजन के लिए बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और वहीं खाना मंगाया गया। माना जा रहा है कि देर रात तक बैठक में सभी सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार कर ली जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से लौटने के बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगेगी।