आज बंद कमरे में दिग्विजय व सिंधिया की बैठक, राज्यसभा सीट पर चर्चा!

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गुना । कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने दिग्गी और सिंधिया आठ साल पहले राजीव गांधी कांग्रेस भवन का लोकार्पण करने आए थे। इस दौरान दोनों नेता ने एक-दूसरे की शान में जमकर कसीदे पढ़े थे। वहीं कांग्रेस के निवृर्तमान जिला उपाध्यक्ष नुरुलहसन नूर ने मंच से दोनों नेताओं के एक होने की बात कही। ठीक आठ साल बाद गुना में फिर दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया सर्किट हाउस के बंद कमरे में 45 मिनट तक बैठक करेंगे। कांग्रेस में राजनीति की चौसर पर इस बैठक को लेकर कई नेता मायने निकाल रहे हैं। नेता दबी जुबान में यही कहते नजर आ रहे हैं कि दिग्गी और सिंधिया की बैठक प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा की सीट की रणनीति को लेकर है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की सर्किट हाउस की गोपनीय बैठक को लेकर शहर में राजनीतिक पारा बढ़ गया है। मंत्रियों से लेकर शहर के कांग्रेसी इस बैठक को लेकर कई राजनीतिक मायने भी निकाल रहे हैं, लेकि न उसके बाद भी शहर के होर्डिंग और बैनरों ने कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी को हवा दे दी है।

सिंधिया समर्थकों ने शहर को होर्डिंग और बैनरों से पाट दिया है, लेकि न उसमें दिग्विजय सिंह का फोटो गायब है। वहीं प्रदेश सरकार के सात कै बनिट मंत्री सोमवार को सिंधिया के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव हारने के बाद दूसरी बार गुना आ रहे हैं।

कांग्रेसी नेता बोले- दोनों को एक हो जाना चाहिए

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नुरुलहसन नूर ने रविवार को कहा कि प्रदेश के दोनों दिग्गज नेताओं की बैठक हो रही है, यह अच्छी बात है। दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक हो जाना चाहिए, जिससे पार्टी को नुकसान नहीं होगा।

सरकार के सात मंत्री होंगे कार्यक्रम में शामिल, जयवर्धन ने सबको चौकाया

महासचिव सिंधिया आठ महीने बाद गुना दौरे पर आ रहे हैं। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री इमरती देवी रविवार की शाम ही पहुंच गईं। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, खाद्य एंव आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह, शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और श्रममंत्री महेन्ध सिसौदिया सहित कई नेता शामिल रहेंगे।

सिंधिया ने दिग्गी को बताया था पितातुल्य, दिग्गी ने भी कहा था देश का काबिल मंत्री

शहर में सिंधिया और दिग्विजय सिंह की बंद कमरे की बैठक को लेकर कांग्रेसी यही कहते नजर आ रहे हैं कि दोनों के बीच खिंची सियासी दीवार दरक जाएगी। सबसे अहम बात तो यह है कि 9 दिसंबर 2012 में कांग्रेस कार्यालय भवन के लोकार्पण के समय सिंधिया ने कहा था कि वह दिग्विजय सिंह के बेटे की तरह हैं।

साथ ही उन्होंने दिग्गी राजा को अपना प्रेरणास्रोत तक कह दिया था। वहीं दिग्विजय सिंह ने कहा था कि सिंधिया यूपीए सरकार के सबसे काबिल मंत्री हैं। वहीं सिंधिया पर चुटकी लेते हुए कहा था कि बालहठ के आगे किसी की कहां चलती है।

सार्वजनिक मंच पर दोनों नेताओं ने आठ साल पहले एक-दूसरे की जमकर तारीफ की थी। साथ ही सिंधिया उस समय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर थे और दिग्विजय सिंह अध्यक्षता कर रहे थे।