Kamal Nath Government : माफिया के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी, सीएम ने बुलाई बैठक

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भोपाल । Kamal Nath Government माफिया राज के खिलाफ राज्य की कमलनाथ सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। मंत्रालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इसमें माफियाओं पर कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में गृहमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्त वार्ता एवं एसआईटी, आईजी एवं कमिश्नर जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, भोपाल, कलेक्टर इंदौर एवं कमिश्नर इंदौर नगर निगम शामिल होंगे।

इंदौर और ग्वालियर में माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। जिसमें प्रशासन और पुलिस के मैदानी अधिकारियों को बुलाया गया है। सूत्र बताते हैं कि बैठक में अब तक माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा होगी और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री नाथ ने बड़े शहरों के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और नगर निगम के कमिश्नरों को बुलाया है। जिनसे उनके क्षेत्रों में माफियाओं से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने करीब तीन माह पहले रेत माफिया, मिलावटखोर सहित अन्य गैर कानूनी काम करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है।

अभियान के दौरान मिलावट खोरों के खिलाफ 94 एफआईआर दर्ज की गई और 31 कारोबारियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई हुई। पिछले एक माह में 1313 उर्वरक विक्रेताओं और गोदामों का निरीक्षण कर लिए गए नमूनों में 110 प्रकरणों में मिलावट पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।

15 साल से नेताओं के संरक्षण में चल रहा कारोबार

माफिया राज को लेकर विधि एवं विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने विपक्ष पर निशाना भी साधा है। सरकार ने एक साल में माफियाओं की कमर तोड़कर रख दी है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को ताक में रखकर माफिया प्रदेश में दशकों से समानांतर सरकार चला रहे थे।

शर्मा ने कहा है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से माफियाओं के समर्थन में बयान देकर उनका संरक्षण कर रहे नेता यह समझ लें कि 15 साल में उनके संरक्षण में ही ये माफिया पनपे हैं। अपने रसूख और माध्यमों का दुरुपयोग कर अनैतिक गतिविधियां चलाने, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जे कर अपना साम्राज्य बनाने वाले इंदौर और ग्वालियर के माफियाओं के खिलाफ सरकार ने सारे दबावों के बीच सख्ती दिखाई और कार्यवाही की।

शर्मा ने कहा कि अब माफियाओं को प्रदेश की जनता और यहां की सरकारी संपदा लूटने की इजाजत नहीं होगी। शर्मा ने कहा कि नई रेत नीति से प्रदेश को मिलने वाला राजस्व 200 से बढ़कर 1234 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले 15 साल से 15 हजार करोड़ रुपए किसकी जेब में जा रहे थे?