Kamal Nath Cabinet : नागरिकता संशोधन कानून निरस्त करे केंद्र, MP मंत्रिमंडल ने पारित किया संकल्प

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भोपाल। Kamal Nath Cabinet नागरिकता संशोधन कानून 2019 (सीएए) को लेकर मप्र की कमलनाथ सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए इसे निरस्त करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस आशय का शासकीय संकल्प पारित किया गया। इसमें कहा गया कि यह कानून देश के संविधान के प्रावधान और आदर्शों के मुताबिक नहीं है।

यह पहला मौका है जब धर्म के आधार पर विभेद करने के प्रावधान वाला कोई कानून देश में लागू किया गया है। इससे देश का पंथनिरपेक्ष स्वरूप और सहिष्णुता का ताना-बाना खतरे में पड़ जाएगा। संकल्प को अब केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

मप्र के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि कैबिनेट में रखे गए संकल्प में कहा गया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 में ऐसे प्रावधान क्यों किए गए हैं, यह लोगों की समझ से परे हैं। यह जनमानस में आशंका को भी जन्म देते हैं। इसके खिलाफ पूरे देश में विरोध हो रहा है। प्रदेश में भी इसके विरोध में प्रदर्शन देखे गए हैं, जो शांतिपूर्ण रहे हैं। इनमें सभी वर्गों के लोग शामिल रहे हैं।

इन तथ्यों से यह साफ है कि यह कानून संविधान की आधारभूत विशेषताओं और समानता के उपबंधों का उल्लंघन करता है, इसलिए धर्म के आधार पर किसी भी तरह के विभेद से बचने के लिए और भारत के सभी पंथ समूहों के लिए कानून के समक्ष समानता को सुनिश्चित करने केंद्र सरकार इस कानून को निरसित करे।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टार को लेकर उपजी आशंकाओं को दूर करने के लिए वे नई सूचनाएं, जो राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टार 2020 के लिए मांगना तय किया है, उन्हें भी वापस लेकर जनगणना के काम को हाथ में लिया जाए। शर्मा ने बताया कि जब विधानसभा का सत्र आएगा तब इसे विधानसभा से पारित कराने पर विचार किया जाएगा।