जयशंकर ने कहा- कोरोना काल में सामने आई वैश्विक सच्चाई, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जरूरी

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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि कोरोना ने वैश्विक राजनीति की कई असुविधाजनक सच्चाइयों को सामने ला दिया है। इसने सप्लाई चेन के वैश्वीकरण को लेकर भी कुछ गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही तनाव के काल में कुछ राष्ट्र किस तरह से व्यवहार कर सकते हैं, यह भी सभी के सामने आ गया है।

सेमिनार में विदेश मंत्री ने कोरोना के असर को सारगर्भित तरीके से रखा

जयशंकर बुधवार को एक टीवी चैनल की तरफ से आयोजित ग्लोबल समिट में अपनी बात रख रहे थे। कोरोना बाद के विश्व में शक्ति-प्रदर्शन (पावर प्ले) विषय पर आयोजित सेमिनार में विदेश मंत्री ने न सिर्फ कूटनीति पर कोरोना के असर को सारगर्भित तरीके से रखा, बल्कि भारत किस तरह से अपने हितों को आगे बढ़ा रहा है, इसके भी संकेत दिए।

चीन के व्यवहार को देखते हुए अहम है विदेश मंत्री का बयान

जयशंकर के इस बयान को कोरोना काल में पड़ोसी देश चीन के व्यवहार के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। कोरोना काल में चीन के आक्रामक रवैये से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि कई दूसरे देशों की स्थिति भी असहज हुई है। अमेरिका, जापान समेत कई दूसरे देशों ने चीन के आक्रामक व्यवहार को लेकर बेहद तल्ख बातें कही हैं।

जयशंकर ने कहा- भारत गरीब देशों की मदद कर रहा, जबकि अमेरिका, चीन वैक्सीन जमा कर रहे हैं

दूसरी तरफ जयशंकर ने कोरोना वैक्सीन को लेकर कुछ देशों के व्यवहार को भी लेपेटे में लिया है। अमेरिका, चीन समेत कई देश वैक्सीन जमा कर रहे हैं, ताकि वे अपने नागरिकों को वैक्सीन लगा सकें जबकि दुनिया के गरीब देशों के समक्ष ऐसी कोई सुविधा नहीं है। सिर्फ भारत ही इन देशों की मदद कर रहा है। जयशंकर ने बताया कि भारत वैक्सीन मैत्री के तहत अभी तक 80 देशों को कोरोना वैक्सीन पहुंचा चुका है।

जयशंकर ने कहा- कोरोना के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जरूरी

जयशंकर ने कहा कि कोरोना के चलते देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा जरूरी है। हालांकि, हालात और किस तरह से बदलेंगे यह अभी सुनिश्चित नहीं है, लेकिन यह निश्चित है कि बदलाव काफी गंभीर होंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना के बाद की दुनिया में भी शक्ति प्रदर्शन जारी रहेगा, लेकिन बिसात बदली हुई होगी।