कौन थे ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी? जिनको मारने का डोनाल्‍ड ट्रंप ने दिया हुक्‍म

0
98

ईरानी (Iran) सत्‍ता की सबसे ताकतवर शख्सियतों में शुमार जनरल कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) इराक में अमेरिकी हमले में मारे गए. वह ईरान की मशहूर रिवोल्‍यूशनरी गार्ड्स (Revolutionary Guards) के प्रमुख थे. इस ईलीट संस्था को ईरान की कुड्स फोर्स कहा जाता है, जोकि विदेशी धरती पर ईरानी ऑपरेशनों को अंजाम देती है. ये सेना ईरान के सर्वोच्‍च नेता अयातुल्‍लाह खामनेई को रिपोर्ट करती है. इन वजहों से जनरल सुलेमानी को ईरान में सबसे अहम हस्तियों में गिना जाता था.

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा है कि राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर ये कार्रवाई की गई. ईरान की रिवोल्‍यूशनरी गार्ड्स ने भी जनरल सुलेमानी के मारे जाने की पुष्टि की है. इसके मुताबिक बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी हेलीकॉप्‍टरों के हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए. इनमें जनरल सुलेमानी भी शामिल थे. इस घटना के बाद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अमेरिकी झंडे की इमेज को ट्वीट किया.

US ने की बगदाद एयरपोर्ट पर एयर स्ट्राइक, ईरान के कुद्स फोर्स के चीफ को मारा

दरअसल पिछले दिनों बगदाद में अमेरिका विरोधी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास को घेर लिया था और वहां मौजूद अमेरिकी सुरक्षाबलों के साथ झड़प भी हुई थी. अमेरिका ने दूतावास पर हिंसा के लिए सीधेतौर पर ईरान को जिम्‍मेदार ठहराया था. इस अमेरिकी कार्रवाई को उसी संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है.

कौन थे जनरल सुलेमानी?
1. 1998 से ईरान की कुड्स फोर्स के प्रमुख थे. सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में मौजूदा दौर में चल रहे शिया-सुन्‍नी झगड़े में इस फोर्स की प्रमुख भूमिका मानी जाती है.

2. सीरिया में पिछले कई वर्षो से चले रहे गृहयद्ध में इस फोर्स ने वहां के राष्‍ट्रपति बशर अल-असद का साथ दिया है. असद भी शिया समुदाय से ताल्‍लुक रखते हैं.

3. इराक में सुन्‍नी आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएस) के खिलाफ भी रिवोल्‍यूशनरी गार्ड्स ने अभियान चला रखा है.

4. 1980 के दशक में ईरान और इराक के बीच हुए युद्ध के दौरान जनरल सुलेमानी सबसे पहले सुर्खियों में आए थे.