आयरलैंड में भारतीय मूल के पीएम वराडकर की पार्टी हारी, राष्ट्रवादी सिन फिन पार्टी का परचम

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लंदन । आयरलैंड में भारतीय मूल के प्रधानमंत्री लियो वराडकर को चुनाव में बड़ा झटका लगा है। उनकी फाइन जेइल पार्टी मुख्य मुकाबले से पिछड़कर तीसरे स्थान पर आ गई है। राष्ट्रवादी सिन फिन पार्टी ने सर्वाधिक मत पाकर सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं। वराडकर की पार्टी के चुनाव हारने का अंदाजा एक्जिट पोल में लगाया गया था लेकिन सत्तारूढ़ दल की स्थिति खराब हो जाएगी यह अनुमान किसी को नहीं था।

सिन फिन पार्टी की बेहतर स्थिति की उम्मीद सभी को थी लेकिन वह सबसे ज्यादा वोट पाएगी, यह अनुमान भी किसी को नहीं था। सिन फिन पार्टी ने 159 सीटों में से महज 42 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए थे। उसे प्रथम वरीयता के 24.5 प्रतिशत मत मिले हैं जबकि फिएना फेल पार्टी को 22.2 प्रतिशत और फाइन जेइल पार्टी को 20.9 प्रतिशत मत मिले हैं। सिन फिन पार्टी का संबंध आइरिश रिपब्लिकन आर्मी से है जिसने एक समझौते के तहत 1979 में हथियार डाले थे।

चुनाव परिणाम के बाद वराडकर (41) ने कहा, फिलहाल गठबंधन के लिए किसी भी तरफ से कोई दबाव नहीं है। भविष्य बताएगा कि सत्ता की सूरत क्या होगी और देश आगे के पांच साल किस तरह से चलेगा। उन्होंने सिन फिन पार्टी से गठबंधन की संभावना से इन्कार किया है। वराडकर 2017 से आयरलैंड के प्रधानमंत्री हैं। वह चिकित्सक भारतीय पिता और आयरिश मां की संतान हैं।

लियो वराडकर ने अपनी भारतीय पहचान कायम रखी है और मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल से उन्होंने मेडिकल प्रेक्टिशनर के रूप में इंटर्नशिप की है। वराडकर बीते दिसंबर में भारत आए थे और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित पूर्वजों के गांव वराड गए थे।

इस बीच दूसरे स्थान पर रही फिएना फेल पार्टी के नेता माइकेल मार्टिन ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक हैं और सत्ता में शामिल होने या न होने के बारे में लोगों की राय सुनेंगे। प्रथम वरीयता के वोट लेकर सबसे आगे रही सिन फिन पार्टी ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की यूरोपीय यूनियन से अलगाव की नीति की कट्टर विरोधी है। अगर वह सत्तारूढ़ होती है तो निश्चित रूप से ब्रिटेन और आयरलैंड में तनातनी बढ़ेगी। यूनाइटेड किंगडम में आयरलैंड ब्रिटेन का सहयोगी है।