डर गए इमरान खान! जिहादियों को कश्मीर नहीं जाने की दी चेतावनी, कहा-भारत कर सकता है जवाबी कार्रवाई

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इस्लामाबाद. ऐसा लग रहा है कि बार-बार भारत को गीदड़ भभकी देने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) अब डर गए. उन्होंने बुधवार को पाकिस्तानियों को चेतावनी दी कि वे जिहाद (Jihad) के लिए कश्मीर (Kashmir) नहीं जाएं, क्योंकि इससे कश्मीरियों को नुकसान पहुंचेगा. इमरान खान ने कहा, ‘‘अगर पाकिस्तान से कोई जिहाद के लिए भारत जाएगा…तो वह कश्मीरियों के साथ अन्याय करने वाला पहला व्यक्ति होगा, वह कश्मीरियों का दुश्मन होगा.’’

इमरान का डर
इमरान खान ने दावा किया कि भारत को कश्मीर के लोगों पर कार्रवाई करने के लिए महज एक बहाने की जरूरत है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थिति तोरखाम टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद इमरान खान ने यह कहा. उन्होंने एक बार फिर से दावा किया कि भारत कश्मीर से ध्यान भटकाने के लिए ‘फॉल्स फ्लैग’ (झूठा आरोप लगा कर) अभियान शुरू कर सकता है.

संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगे मुद्दा
इमरान खान की अमेरिका की अहम यात्रा से पहले कश्मीर में जिहादी गतिविधियों को हतोत्साहित करने वाला उनका यह बयान आया है. अपनी इस यात्रा के दौरान वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे. खान ने कहा कि कि अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र में वह कश्मीर मुद्दा इतने जोरदार तरीके से उठाएंगे कि जैसा पहले कभी नहीं हुआ होगा.

भारत के साथ नहीं होगी बातचीत
रेडियो पाकिस्तान की खबर के मुताबिक खान ने कहा कि भारत के साथ वार्ता तब तक नहीं हो सकती, जब तक कि वह (नयी दिल्ली) कश्मीर में कर्फ्यू नहीं हटा लेता है और अनुच्छेद 370 हटाने के अपने फैसले को रद्द नहीं कर देता है. नियंत्रण रेखा की ओर कुछ राजनीतिक दलों और धार्मिक पार्टियों की एक प्रस्तावित यात्रा इस हफ्ते की शुरुआत में स्थगित कर दी गई थी. दरअसल, इमरान खान ने उनसे कहा था कि 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके संबोधन तक इसे टाल दिया जाए.

पाकिस्तान की बौखलाहट
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को भारत द्वारा पांच अगस्त को रद्द कर दिये जाने के बाद उसके और पाक के बीच तनाव बढ़ गया है. कश्मीर पर नई दिल्ली के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों का दर्जा कम कर दिया और भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया.