Chhattisgarh : सड़क पर उतरे यातायात सियान, बता रहे हेलमेट और सीटबेल्ट बांधने का महत्व

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रायपुर। धोती, कुर्ता, सदरी पहने और हाथों में लाठी लिए छत्तीसगढ़ी अंदाज में खड़े यह सख्श यातायात सियान की भूमिका में हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया सरकार ने छत्तीसगढ़ी अंदाज में यातायात के नियम बताने के लिए बालोद जिले के चार कलाकारों को राजधानी की सड़कों पर यातायात सियान बनाकर मैदान में उतारा है। चौक-चौराहे पर खड़े होकर ये सियान हर आने-जाने वाले वाहन चालकों से संवाद करते हुए यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। और कार चालकों को सीटबेल्ट बांधने और दुपहिया चालकों को हेलमेट लगाने प्रेरित कर रहे हैं। ये सियान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट बांधकर कार चलाने वाले, तीन सवारी और स्टॉप लाइन का उल्लंघन करने वाले चालकों को ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में समझाते नजर आ रहे हैं।

गुरुवार को दोपहर जयस्तंभ चौक पर सियान की वेशभूषा में बालोद जिले के हेमशंकर साहू यातायात नियम तोड़ने वाले आम वाहन चालक, युवक, युवतियों, बुर्जुगों, नाबालिगों को अपने नए अंदाज में हाथ जोड़कर नसीहत देते दिखे।

नईदुनिया टीम ने वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने का सलीका सिखा रहे ट्रैफिक सियान हेमशंकर साहू के रोचक अंदाज को करीब से देखा। दोपहर 12.30 बजे शहर के ह्वदय स्थल जय स्तंभ चौक पर ट्रैफिक सियान हेमशंकर साहू ने रेड सिग्नल पर बिना हेलमेट दोपहिया चला रहे चालक के रुकते ही, पास आकर छत्तीसगढ़ी में बात करते हुए कुछ इस अंदाज में कहा-

”भैया! कैसे तुमन हेलमेट नई लगाये हो। भैया अतेक सुंदर कपड़ा पहिने हो, अतक सुंदर घड़ी भी हे, त हेलमेट कइसे भुला गे भैया। अरे अपन बारे में मत सोच, घर-परिवार के बारे में सोच ददा, तोर सेती घर वाले कतका आस लगाए हे गा। हेलमेट तो पहन गा। घर वाले मन कहथे डयूटी गे हे मोर लइका, और तुमन ऐति कहीं झपा गेव, कौन हा जवाबदार रही भैया, एकरे सेती कहाथों, हेलमेट लगा के चलहू भैया।”

मूलत: बलोद जिले के सोहपुर गांव निवासी हेमशंकर साहू ने बताया कि राजधानी रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने बलोद के चार ट्रैफिक वार्डन सड़क पर सियान बनकर उतरे हैं। वाहन चालकों को ठेठ छत्तीसगढ़ी में ”ये ददा, ये दीदी, ये बाबू, कइसे हंव… नइ लगाए हेलमेट,कब लगाहू। कैसे कार वाला भईया, सीट बेल्ट बांधके बने करेव। कईसे बहिनी, अतेक सुंदर दिखत हव और चेहरा म दुपट्टा बांध के बिना हेलमेट चलत हव। दुपट्टा के जगह म हेलमेट पहिन सिर हर सुरक्षित रही। देख बगल वाला भईया हेलमेट पहने हावय, बने करिस। ”

इन शब्दों को सुनकर वाहन चालकों को अपनापन लगता है और शर्मिंदा हो जाते है। उन्हे एहसास होने लगा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करने से उनका जीवन सुरक्षित रहेगा।

ट्रैफिक सियान बने चारों युवाओं को डीएसपी यातायात सतीश ठाकुर ने दो दिन तक प्रशिक्षण देकर तैयार किया फिर बुधवार से वाहन चालकों को समझाइश देने चार चौराहे पर उतारा। सुबह से शाम तक चारों सियान फाफाडीह चौक, महिला थाना चौक, जयस्तंभ और शहीद भगत सिंह चौक पर खड़े होकर बिना सीट बेल्ट कार चालकों, तीन सवारी बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने वालों को हाथ जोड़कर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की नसीहत दे रहे है।