दोस्ती से दुनिया बदलने वाले पीएम मोदी-ट्रंप के ‘संकल्प’ का विश्लेषण

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आज हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एतिहासिक भारत यात्रा का विश्लेषण करेंगे. डोनाल्ड ट्रंप इस समय देश की राजधानी दिल्ली पहुंच चुके हैं. लेकिन उनके भारत दर्शन की शुरुआत आज सुबह अहमदाबाद से हुई. डोनाल्ड ट्रंप का विमान सुबह 11 बजकर 37 मिनट पर अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा और विमान से बाहर आते ही ट्रंप को भारत की Soft Power का एहसास हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर अमेरिका के राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पर स्वागत किया. इस दौरान दोनों नेता गले मिले और फिर दोनों ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया.

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गईं थी. और भारत की सांस्कृतिक विविधता के ज़रिए ट्रंप को भारत की शानदार विरासत की एक झलक दिखाई गई. डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनका पूरा परिवार भारत आया है. उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप के अलावा बेटी इवांका ट्रंप और दामाद जेरेड कुशनर भी इस दौरे का हिस्सा हैं.

अहमदाबाद एयरपोर्ट से डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप Road Show करते हुए साबरमती आश्रम पहुंचे. दक्षिण अफ्रिका से वापस आने के बाद गांधी जी ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 13 वर्ष इसी आश्रम में बिताए थे. ट्रंप अपनी पत्नी के साथ करीब 11 मिनट तक साबरमती आश्रम में रुके.

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें महात्मा गांधी से जुड़े इतिहास के बारे में समझाया. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी ने चरखा भी चलाया और प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों को गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में समझाया. जाते-जाते डोनाल्ड ट्रंप ने आश्रम की विजिटर बुक में अपने अनुभव के बारे में लिखा और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद कहा. इस वक्त स्क्रीन पर आप शायद पहली बार डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर देख रहे होंगे. आज दिन भर उनके इस Signature की भी चर्चा होती रही. बहुत सारे लोग कह रहे थे कि ऐसा लग रहा है. जैसे ये किसी के दिल की धड़कन या फिर किसी की ECG रिपोर्ट है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ये हस्ताक्षर एक विशेष प्रकार के Pen से करते हैं. जिसके बारे में हम आपको आगे बताएंगे.

साबरमती आश्रम के बाद डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी सड़क मार्ग से ही सरदार पटेल स्टेडियम पहुंचे. ये दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. इस दौरान सड़क के दोनों तरफ हज़ारों लोगों की भीड़ और देश के अलग अलग इलाकों से कलाकार डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार का स्वागत कर रहे थे.

सरदार पटेल स्टेडियम पुहंचकर पूरा ट्रंप परिवार अभिभूत रह गया. क्योंकि वहां नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद थे. स्टेडियम के बीच में बनाए गए विशाल मंच पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप एक बार फिर गले मिले. इस दौरान अमेरिका की First Lady मेलानिया ट्रंप भी मंच पर मौजूद थी. जबकि ट्रंप परिवार के बाकी सदस्य नीचे दर्शक दीर्घा में बैठे थे. इस कार्यक्रम के दौरान पधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप 5 बार गले मिले और उन्होंने 5 बार हाथ मिलाया. ट्रंप के राजनीतिक करियर में ये ये शायद पहला मौका था. जब वो इतनी बड़ी संख्या में लोगों को संबोधित करने वाले थे.

पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से डोनाल्ड ट्रंप को इस यात्रा के लिए धन्यवाद कहा और करीब 11 मिनट का स्वागत भाषण दिया. फिर उन्होंने ट्रंप को भाषण देने के लिए आमंत्रित किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान करीब 27 मिनट का भाषण दिया. अपने भाषण में ट्रंप ने करीब 56 बार भारत और भारतीयों, 23 बार अमेरिका, 7 बार आतंकवाद, 5 बार डेमोक्रेसी, 13 बार मोदी, 4 बार पाकिस्तान और 5 बार दोस्ती शब्द का जिक्र किया.

इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय संस्कृति की जमकर तारीफ की. उन्होंने भारतीय संगीत, भांगड़ा डांस, बॉलीवुड की कुछ मशहूर फिल्मों का भी जिक्र किया उन्होंने मानवता पर स्वामी विवेकानंद द्वारा कहे गए शब्दों को भी दोहराया. इसके अलावा उन्होंने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर का भी नाम किया. प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि एक चायवाले से प्रधानमंत्री बनने का सफर बहुत प्रेरणादायी है. उन्होंने एक राजनेता के तौर पर प्रधानमंत्री की सफलताओं का भी जिक्र किया और कहा कि इससे साबित होता है कि भारत सपने देखना भी जानता है और उन्हें पूरा करना भी. आज हमने डोनाल्ड ट्रंप के 27 मिनट के भाषण से कुछ सबसे बेहतरीन हिस्से निकाले हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस मंच से पाकिस्तान और कट्टर इस्लामिक आतंकवाद फैलाने वालों को भी कड़ा संदेश दिया, उन्होंने कहा कि कटट्रर इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका की लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खात्मे के लिए अमेरिका पाकिस्तान पर दबाव डालता रहेगा.

डोनाल्ड ट्रंप के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने धन्यवाद भाषण दिया ये भाषण करीब 11 मिनट का था. प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत भाषण 10 मिनट का था. यानी उन्होंने कुल मिलाकर 21 मिनट तक लोगों को संबोधित किया इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 41 बार भारत, 29 बार अमेरिका, 2 बार आतंकवाद, 7 बार नमस्ते ट्रंप, 14 बार दोस्ती और 22 बार ट्रंप का जिक्र किया.

अपने भाषणों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों, दोनों देशों के लोकतंत्र और डोनाल्ड ट्रंपके साथ अपनी निजी दोस्ती का जिक्र किया. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के पूरे परिवार की भी तारीफ की और कहा कि जो ये परिवार करता है उसका समाज पर दूरगामी प्रभाव होता है.

आज अहमदाबाद का का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था लेकिन धूप और गर्मी के बावजूद ट्रंप और उनका पूरा परिवार 1 घंटे तक स्टेडियम में बैठा रहा. लेकिन भारत की गर्मी से किसी को कोई परेशानी नहीं हुई. किसी देश का प्रमुख जब दूसरे देश की यात्रा पर जाता है, तो आम तौर वो अकेले या अपनी पत्नी के साथ यात्रा करता है. लेकिन ये पहली बार हुआ है कि अमेरिका का कोई राष्ट्रपति पूरे परिवार के साथ भारत की राजकीय यात्रा पर आया है.

ट्रंप के साथ उनकी पत्नी, बेटी और दामाद भी भारत आए हैं. भारतीय समाज में ये परंपरा है कि जिनके साथ हमारे रिश्ते प्रगाढ़ होते हैं, उन्हें हम किसी आयोजन में सपरिवार यानी परिवार के साथ बुलाते हैं. आप इस बात को ऐसे भी कह सकते हैं कि जिनके साथ अच्छे संबंध होते हैं, उन्हीं के घर किसी मौके पर हम पूरे परिवार के साथ जाते हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप का सपरिवार भारत आना भी एक कूटनीतिक संकेत देता है . ट्रंप को पता है कि भारत पारिवारिक मूल्यों को महत्व देता है. वो आम तौर पर किसी देश की यात्रा पर पूरे परिवार के साथ नहीं जाते. ऐसे में अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को भी उन्होंने ये संदेश दे दिया कि भारत उनके लिए बाकी देशों से अलग है.

कई बार 2 देशों के बीच बेहतर रिश्ते तो होते हैं. लेकिन उनमें गर्मजोशी नहीं होती. ऐसा माना जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के सपरिवार भारत आने से दोनों देशों के रिश्तों में नज़दीकी आएगी. एक दौर था जब अमेरिका, भारत के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा करता था. लेकिन, आज की तस्वीरों के देख कर लगता है कि दोनों देशों ने कड़वे रिश्तों को बहुत पीछे छोड़ दिया है .

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करीब 3 घंटों तक अहमदाबाद में रुके और इस दौरान ज्यादातर समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ थे. सरदार पटेल क्रिकेट स्टेडियम में 73 वर्ष के डोनाल्ड ट्रंप और 69 वर्ष के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 53 मिनट साथ बिताए. इस दौरान दोनों नेताओं की दोस्ती और गर्मजोशी ने बता दिया कि Twenty Twenty का भारत पूरी दुनिया में शक्ति संतुलन का केंद्र बन गया है और किसी भी बड़े देश के लिए भारत को नज़र अंदाज़ करना आसान नहीं है.

इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे ट्रंप और उनका परिवार अहमदाबाद से आगरा के लिए रवाना हो गया. शाम करीब सवा चार बजे ट्रंप परिवार समेत आगरा एयरपोर्ट पहुंचे और वहां उनका स्वागत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया.

इस दौरान आगरा में भी ट्रंप और उनके परिवार के स्वागत के लिए हज़ारों कलाकार मौजूद थे. भारतीय संस्कृति के रंग देखकर पूरा ट्रंप परिवार मंत्रमुग्ध हो गया. ट्रंप परिवार के सभी सदस्य करीब 8 से 10 मिनटों तक कलाकारों की प्रस्तुति देखते रहे और इसके बारे में जानकारियां जुटाते रहे.

हवाई अड्डे से ताजमहल तक करीब 21 जगहों पर 3 हज़ार से ज्यादा कलाकारों ने ट्रंप और उनके परिवार का स्वागत किया. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप का काफिला ताजमहल पहुंचा और वहां उन्होंने अपने परिवार के साथ करीब 1 घंटा बिताया. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंपकी बेटी इवांका ट्रंप ने ताजमहल की बहुत सारी तस्वीरें लीं और अपने पति जेरेड कुशनर के साथ भी कई तस्वीरें खिंचवाईं.

इस दौरान डोनाल्ड ट्रंपऔर उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चले और उन्होंने गाइड की मदद से ताजमहल के बारे में जानकारियां हासिल की. इसके बाद Visiters Book में ट्रंप ने लिखा कि ये ताजमहल आश्चर्य चकित करने वाली कलाकृति है. ये इमारत समय से परे है और ये भारत की सांस्कृतिक विरासत की मिसाल है . और आखिर में उन्होंने लिखा धन्यवाद भारत लेकिन इस दौरान उनकी Hand Writing और हस्ताक्षर एक बार फिर चर्चा में आ गए.

लेकिन ट्रंप की Hand Writing और हस्ताक्षर की चर्चा एक खास वजह से हो रही है. दरअसल Trump हस्ताक्षर करने के लिए एक विशेष प्रकार के Pen का प्रयोग करते हैं. इस Pen का नाम है Sharpie Sharpie Pen बनाने वाली एक मशहूर कंपनी है और ट्रंप ने इस कंपनी से एक विशेष प्रकार का Pen अपने लिए डिजाइन करवाया है.

इस Pen से लिखे गए शब्द काफी मोटे होते हैं और उन्हें दूर से पढ़ा जा सकता है. ट्रंप महत्वपूर्ण Deals, या दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करते हुए इसी Sharpie Pen का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि मोटी लिखावट की वजह से कई बार ट्रंप के भाषणों के कुछ हिस्से और उनके निजी Notes भी लोग दूर से ही पढ़ लेते हैं.

लेकिन डोनाल्ड ट्रंपने इस यात्रा के दौरान जो कुछ भारत के बारे में कहा है और लिखा है वो भी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है. क्योंकि ये पहला मौका है. जब अमेरिका का कोई राष्ट्रपति सिर्फ भारत की यात्रा पर आया है. और उनकी किसी पड़ोसी देश में जाने की कोई योजना नहीं है.

संभवत: भारत आने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक की शायद सबसे लंबी यात्रा की है. अमेरिका की राजधानी Washington से अहमदाबाद की दूरी करीब 13 हज़ार किलोमीटर है और इस यात्रा में करीब 16 घंटे का समय लगता है. ट्रंप 34 घंटों के लिए भारत आए हैं और करीब 9 घंटों में वो अहमदाबाद से होते हुए आगरा और आगरा से होते हुए दिल्ली पहुंच चुके हैं.

डोनाल्ड ट्रंप का ताजमहल देखने जाना इसलिए भी अहम है. क्योंकि ताजमहल ना सिर्फ प्रेम बल्कि भारत की समृद्ध विरासत की मिसाल है. आप इसे भारतीय संस्कृति का Post Card भी कह सकते हैं. दुनिया के तमाम बड़े नेता जब भारत आते हैं तो वो ताजमहल ज़रूर जाते हैं.

ट्रंप से पहले भी अमेरिका के दो राष्ट्रपति ताजमहल देख चुके हैं 1959 में ड्वाइट आइज़न हावर ताजमहल पहुंचे थे. तब उनके साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी थे, इसके बाद वर्ष 2000 में बिल क्लिंटन अपनी बेटी के साथ ताजमहल देखने पहुंचे थे. यानी डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी के साथ ताजमहल जाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति है.

इसके अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रॉ, और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो भी अपने परिवार के साथ,ताजमहल देखने जा चुके हैं. आज अमेरिका के राष्ट्रपति की जुबान पर सिर्फ भारत का नाम है और महज़ 9 घंटों में वो भारतीय संस्कृति के मुरीद हो चुके हैं. अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में दुनिया के दो सबसे दमदार नेताओं का कार्यक्रम आज पूरी दुनिया को भारत की ताकत दिखा रहा है. लेकिन भारत और अमेरिका की ये दोस्ती हमेशा से इतनी मजबूत नहीं थी.

आजादी के बाद से ज्यादातर मौकों पर अमेरिका ने पाकिस्तान का साथ दिया है. वो शीत युग का दौर था और तब भारत तत्कालीन सोवियत रूस के करीब हुआ करता था और अमेरिका पाकिस्तान को अपना रणनीतिक साझेदार मानता था. भारत और अमेरिका के बीच दूरी घटाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है.

वर्ष 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति भारत आए थे. उनसे 20 वर्ष पहले जिमी कार्टर भारत आने वाले आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति थे. ये वो दौर था जब अमेरिका कुछ समय पहले भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण से नाराज़ था लेकिन वाजपेयी की कूटनीति ने अमेरिका की इस नाराज़गी को दूर कर दिया और शीत युद्ध के बाद पहली बार दोनों देशों के रिश्तों में इतना सुधार आया.

लेकिन आज हम आपको एक 27 वर्ष पुरानी तस्वीर भी दिखाना चाहते हैं. ये तस्वीर वर्ष 1993 की है. जब नरेंद्र मोदी राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय नहीं थे. बल्कि वो RSS के प्रचारक के तौर पर अमेरिका गए थे. तब उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ White House के बाहर ये तस्वीर खिंचवाई थी. लेकिन आज पूरा का पूरा White House ही उनके निमंत्रण पर अहमाबाद आ गया.

2002 के गुजरात दंगों के बाद एक समय ऐसा भी आया था. जब अमेरिका ने प्रधानमंत्री मोदी को Visa देने से इनकार कर दिया था. लेकिन आज वही अमेरिका और उसके राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी के बुलावे पर भारत आते हैं और भारत के साथ नए नए समझौते करने के लिए तत्पर रहते हैं.

आज कैसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भारत के Fan बन गए ये समझाने के लिए हमने ट्रंप की भारत यात्रा का एक Video विश्लेषण किया है. आप ये विश्लेषण देखिए फिर हम आपको ये बताएंगे कि ट्रंप की इस यात्रा का प्रभाव आपके जीवन पर क्या पड़ेगा?

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की भारत यात्रा में उनके परिवार के अलावा 10 लोगों की एक स्पेशल टीम है. जिसमें ट्रंप सरकार के कई कैबिनेट मंत्री और अधिकारी शामिल हैं.
इनमें शामिल हैं वाणिज्य मंत्री Wilbur Ross(विल्बर रॉस)
ऊर्जा मंत्री Dan Brouillette(डैन ब्रुयेट)
चीफ ऑफ स्टाफ Mick Mulvaney(मिक मलवेनी)
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Robert O’ Brien(रॉबर्ट ओ ब्रायन)
राष्ट्रपति ट्रंप के प्रमुख सलाहकार Stephen Miller(स्टीफन मिलर)
राष्ट्रपति ट्रंप के प्रमुख सलाहकार Dan Scavino(डैन स्कैविनो)
मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ… Lindsey Reynolds(लिंडसे रेनॉल्ड्स)
अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार पॉलिसी से जुड़े मामलों के विशेष प्रतिनिधि Robert Blair(रॉबर्ट ब्लेयर)
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Stephanie Grisham(स्टेफनी ग्रिशम)
और भारत में अमेरिका के राजदूत Kenneth Juster( केनेथ जस्टर) शामिल हैं.
इसके अलावा डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप और उनके दामाद जैरेड कुशनर भी उनके प्रमुख सलाहकार हैं.