राहुल की पेट्रोल-डीजल मूल्य घटाने की मांग पर देवड़ा ने उठाया सवाल

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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के मद्देनजर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करने की मांग की है। लेकिन मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने उनकी मांग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब सब कुछ बंद है और कोई भी सड़क पर नहीं है तो इसका फायदा किसे होगा।

मिलिंद देवड़ा ने ट्विटर पर कहा, ‘भारत ब्रेंट क्रूड का आयात करता है न कि डब्लूटीआइ का। उसका वर्तमान मूल्य 21 डॉलर प्रति बैरल है। कमजोर मांग की वजह से हम कम तेल का आयात करेंगे। कच्चे तेल की कम कीमतों से लाभ गिरते हुए रुपये से बराबर भी हो सकता है।’ आखिरकार जब कार, ट्रक, बस, ट्रेन और विमान सब खड़े हैं तो पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में कमी से उपभोक्ताओं को लाभ नहीं हो सकता।

हालांकि पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला ने देवड़ा से असहमति जताते हुए ट्वीट किया, ‘अमेरिका अब भारत का छठा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। 2019-20 के छह महीनों में हमने अमेरिका से 54 लाख टन कच्चे तेल का आयात किया। उत्तर भारत में अब फसल कटाई का मौसम चरम पर है और डीजल से चलने वाले कटाई के ट्रैक्टर व आपूर्ति चेन के ट्रक फिर चल रहे हैं।’ कांग्रेस की मांग है कि कच्चे तेल की कीमतें अपने इतिहास में अपने निम्नतम स्तर पर हैं तो सरकार को इसका लाभ उपभोक्ताओं को देना चाहिए। इस मुश्किल दौर में ट्रांसपोर्टरों और किसानों को इससे कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि पिछले छह साल में सरकार 12 बार तेल पर टैक्स बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये कमा चुकी है।

चावल से सैनिटाइजर बनाने का राहुल ने किया विरोध, पर उनकी ही पार्टी के मंत्री उतरे समर्थन में

केंद्र सरकार ने चावल से एल्कोहल बनाकर सैनिटाइजर बनाने की अनुमति दी है। इस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर विरोध जताया है, जबकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के मंत्री इस निर्णय पर केंद्र के समर्थन में खड़े हो गए हैं। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में केंद्र सरकार के निर्णय को गरीबों का हक मारने वाला बताया है।

राहुल ने ट्वीट कर कहा कि- हिंदुस्तान का गरीब कब जागेगा। आप भूखे मर रहे हैं और वह आपके हिस्से के चावल से सैनिटाइजर बनाकर अमीरों के हाथ की सफाई में लगे हैं। कांग्रेस के बड़े नेता के बयान के विपरीत छत्तीसगढ़ सरकार के काबीना मंत्री रविंद्र चौबे और अमरजीत भगत केंद्र के समर्थन में उतर गए। दोनों मंत्रियों ने केंद्र की अनुमति को राज्य सरकार की कामयाबी करार दिया।

दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार से लगातार यह मांग कर रहे थे कि चावल से बायोफ्यूल बनाने की अनुमति दी जाए। अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की कमेटी ने चावल से एथेनॉल बनाकर उसका सैनिटाइजर बनाने की अनुमति दे दी है।