कांग्रेस खाट बैठक कर आदिवासियों को हिंदू नहीं बताने के लिए करेगी जागृत

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भोपाल। जनगणना-2021 में आदिवासियों को अपना धर्म हिंदू लिखवाने के लिए भाजपा और आरएसएस के कथित अभियान के खिलाफ मध्य प्रदेश कांग्रेस के जनजाति प्रकोष्ठ ने गांव-मजरे-टोले में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस के आदिवासी नेता आदिवासी क्षेत्रों में ‘खाट’ बैठकें कर उन्हें अपना धर्म हिंदू नहीं बताने के लिए प्रेरित करेंगे। यह अभियान 18 फरवरी को दिल्ली में आदिवासी संगठनों द्वारा जनगणना में आदिवासी कोड को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर संसद के घेराव के बाद शुरू किया जाएगा। प्रदेश में आदिवासियों के धर्म का मुद्दा गरमाता जा रहा है। आरएसएस के कथित अभियान की खबरों के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि जो अधिकारी आदिवासी को हिंदू लिखेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने उज्जैन में कमलनाथ को चेतावनी दी कि जनगणना में आदिवासियों को हिंदू नहीं लिखा तो सीएम नहीं रह पाओगे। विजयवर्गीय के इस बयान के बाद कांग्रेस के तेवर सख्त हो गए हैं।

कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अजय शाह ने कहा है कि पहले आरएसएस और अब विजयवर्गीय के बयानों से साफ जाहिर होता है कि आदिवासियों को जबरिया हिंदू धर्म लिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि हमारी अपनी परंपरा, रहन सहन, रीति-रिवाज, तीज-त्योहार सब अलग है। आदिवासी प्रकृति पूजक हैं न कि मूर्ति पूजक।

आरएसएस का अभियान से इनकार

दूसरी तरफ संघ आदिवासियों को हिंदू धर्म लिखवाने के लिए प्रेरित करने के अभियान चलाने के समाचारों को कुछ दिन पहले ही गलत बता चुका है।

सीएम दे चुके कार्रवाई की चेतावनी : शेखर उधर मप्र कांग्रेस के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने कहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बारे में साफ कर चुके हैं कि अगर आरएसएस इस तरह का कोई अभियान चलाता है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदिवासियों की इच्छा के विरुद्ध धार्मिक संबद्धता करने को मजबूर नहीं करने दिया जाएगा।

संविधान में सभी को धार्मिक स्वतंत्रता दी गई है। कोई भी व्यक्ति किसी को किसी धर्म विशेष के लिए दबाव नहीं डाल सकता। खाट बैठक कर आदिवासी समाज के लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। – अजय शाह, अध्यक्ष, मप्र कांग्रेस अजजा प्रकोष्ठ

मानव सभ्यता की कल्पना जब भी भारत भूमि के संदर्भ में की जाएगी, वनवासी इस भूमि पर रहने वाले ‘पहले व सनातन हिंदू’ कहलाएंगे। कांग्रेस इसका विरोध कर ईसाई मिशनरी की मदद करने का काम कर रही है। -डॉ. हितेष वाजपेयी, वरिष्ठ भाजपा नेता