स्वास्थ्य व पुलिसकर्मियों को जमातियों ने किया संक्रमित : सीएम शिवराज सिंह चौहान

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भोपाल। मध्य प्रदेश में खासतौर से भोपाल और इंदौर में तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। इस बात को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी चिंतित हैं लेकिन वे स्थिति नियंत्रित करने को लेकर भी उतने ही आश्वस्त हैं। उन्हें प्रदेश के लोगों पर भरोसा है कि लॉकडाउन का गंभीरता से पालन कर कोरोना को निष्क्रिय कर दिया जाएगा। हालांकि वे भोपाल व इंदौर में लगातार बढ़ते कोरोना पीड़ितों की वजह खुले तौर से तब्लीगी जमातियों को मानते हैं और कहते हैं कि जमाती गुपचुप तरीके से प्रदेश में और कई शहरों की मस्जिदों में जाकर रुक गए। उनकी तलाशी में ही संक्रमण तेजी से बढ़ गया, लेकिन धीरे-धीरे स्थित नियंत्रित हो रही है।

क्या भोपाल में तब्लीगी जमात के कारण ज्यादा संक्रमण फैला, ये कहना सही है।

भोपाल में तो हालात बेहतर थे। तब्लीगी जमात के जो लोग आए, उस कारण संख्या बढ़ी। पहले पुलिस ने जमात के लोगों से पूछताछ की तो वे संक्रमित हो गए। फिर यही जमात के लोग इधर-उधर गए तो और फैलाव हो गया। सिरोंज में जमात का एक व्यक्ति चला गया और नागदा में भी इंदौर के एक संक्रमित व्यक्ति के कारण लोग कोरोना के संपर्क में आ गए। दुर्भाग्य से हमारे स्वास्थ्य विभाग के संचालनालय के अफसर भी इसकी चपेट में आ गए। जमात के लोगों ने संक्रमित होने के बाद भी खुद को छिपाए रखा और वे जहां-जहां रहे उस दौरान अन्य लोगों को भी संक्रमित करते रहे। जब हमें दिल्ली से प्रदेश में जमातियों के आने की जानकारी मिली तो तलाश शुरू हुई और इस दौरान संक्रमित जमातियों की बढ़ी संख्या तेजी से सामने आई, लेकिन उनसे हमारे अधिकारी भी संक्रमित हो गए। जमातियों के आने और उनके यहां ठहरने की जानकारी छिपाने समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है। दोषियों पर निश्चित कड़ी कार्रवाई होगी।

कोरोना के कारण मप्र की अर्थव्यवस्था में भी स्लोडाउन आने की आशंका है। इसके लिए सरकार के स्तर पर क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

अर्थव्यवस्था पर अध्ययन के लिए एक्सपर्ट की टीम बनाई है। इन हालातों में अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं। उनके सुझाव के आधार पर हाइड्राक्सी क्लोरोक्विन की फैक्ट्री जैसे उद्योगों को सावधानी के साथ चलाने का प्रयास कर रहे हैं। अमेरिका भी इसकी मांग कर रहा है, जो मप्र में बनती है। ऐसी सारी फैक्ट्री शारीरिक दूरी बनाकर चलती रहें, ये जरूरी है।

क्या मप्र में भी सांसदों की तरह विधायक निधि को कोरोना पर खर्च का निर्णय लिया जा सकता है।

अभी तो टैक्स भी नहीं आ रहा है क्योंकि सब चीजें बंद पड़ी हैं। सारी आमदनी बंद है। प्रधानमंत्री ने सांसद निधि, वेतन का जिस तरह का प्रयास किया है, उस तरह के प्रयास हम भी करेंगे। विधायक निधि निलंबित करने करने का फैसला तो अभी नहीं किया है, लेकिन विचार कर रहे हैं।

कैबिनेट विस्तार को लेकर क्या सोचा है। मंत्री होते तो कोरोना संकट से निपटने आपकी मदद भी होती।

मत्रिमंडल का विस्तार जल्दी होना चाहिए। मैंने ही पार्टी में बात करके 14 अप्रैल तक मंत्रिमंडल विस्तार के लिए मना किया था। अब एक बार फिर पार्टी नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद फैसला लेंगे।

फिलहाल कोरोना के कारण बोर्ड परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। कब तक संभावना है।

बोर्ड छोड़कर बाकी कक्षा के छात्रों को तो जनरल प्रमोशन दे दिया है, लेकिन बोर्ड परीक्षा 12वीं की मार्कशीट का अपना महत्व है। जेईई से लेकर तमाम कॉम्पटीशन एक्जाम के नजरिए से बोर्ड परीक्षाएं सम्पन्न् कराई जाएंगी। कोरोना संकट कम होते ही इसकी तारीख तय की जाएंगी।

समर्थन मूल्य पर खरीदी 15 अप्रैल से की जाएगी। क्या सारी तैयारियां हो पाएंगी?

अभी निर्णय लिया है। उस समय परिस्थिति क्या रहती है, लॉकडाउन की स्थिति क्या रहती है, कह नहीं सकते हैं, लेकिन किसानों की फसल तैयार है, खरीदी तो करना है। पूरी सुरक्षा और सावधानी से खरीदी हो, इसके इंतजाम किए जा रहे हैं। जहां कोरोना का कोई खतरा न हो, वहां खरीदी की जाए, ऐसा विचार किया जा रहा है।

गरीब व मजदूरों के लिए कोई आर्थिक मदद की योजना है।

तीन-तीन महीने का राशन पहले हम दे चुके हैं। बाकी और तीन महीने के लिए चावल और दाल देने वाले हैं। मजदूरों को एक हजार रुपए दे चुके हैं। एक हजार और देने पर भी विचार किया जा रहा है।

कोरोना से निपटने के लिए और क्या चुनौतियां हैं?

चुनौती तो यही है कि कोरोना से कैसे निपटें। अब हमने कोरोना टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई है। पीपीई किट्स हमारे यहां तैयार हो रहे हैं। सैनिटाइजर भी बना रहे हैं। हर शहर में कोविड 19 से निपटने के लिए विशेष अस्पताल बना लिए गए हैं। पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए होटल बुक करा लिए हैं। अब काफी स्थिति नियंत्रण में है।

जो लोग कोरोना से संक्रमित होने के बाद भी बता नहीं रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी? अब कोरोना संक्रमण छिपाया तो हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज होगा। मर्ज छिपाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में हत्या के प्रयास का संगीन अपराध दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिसे नाराज होना है हो जाए, लेकिन कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए कड़वी दवा ही देना होगी।

कुछ लोगों ने आपके स्वास्थ्य को लेकर भी अफवाह फैलाई, इनके खिलाफ कोई कार्रवाई होगी?

सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर जो लोग अफवाह फैला रहे हैं। उनके खिलाफ सायबर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले सायबर पुलिस को सौंपे गए हैं।