चीन का हमला, कोरोना वायरस पर नाकामी छुपाने के लिए अमेरिका ले रहा रहा झूठ का सहारा

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बीजिंग। कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर अमेरिका और चीन के बीच आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर जारी है। अमेरिका के बाद अब चीन भी आक्रामक नजर आ रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस महामारी पर अपनी नाकामी छुपाने के लिए अमेरिका के राजनेता झूठ पर झूठ बोल रहे हैं।

अमेरिका लगातार चीन पर कोरोना वायरस को दुनियाभर में फैलाने का आरोप लगा रहा है। इस बीच मंगलवार को गेंग शुआंग ने कहा, ‘अमेरिकी राजनेता तथ्यों की अनदेखी कर रहे हैं और बार-बार झूठ बोल रहे हैं। अमेरिका अपने देश में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने में नाकाम रहा है। इसलिए वे अपनी नाकामी छुपाने के लिए दुनिया का ध्यान भटका रहे हैं।’ उन्‍होंने कहा कि सच सामने आ जाएगा, क्‍योंकि तथ्य शब्दों की तुलना में ज्यादा जोर से बोलते हैं। चीन को बदनाम करने के अमेरिका के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ऐसे कई जरिए हैं जिनसे आप चीन को जवाबदेह बना सकते हैं। हम बहुत गंभीर जांच कर रहे हैं, जैसा कि आप शायद जानते हैं। हम चीन से खुश नहीं हैं। हम पूरी मौजूदा स्थिति से खुश नहीं हैं, क्योंकि हमें लगता है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता था। अगर चीन समय रहते सचेत कर देता, तो यह जानलेवा वायरस पूरी दुनिया में नहीं फैलता।

चीन में अब कोरोना वायरस का कहर थम गया है। वहां इस महामारी से लड़ने के लिए बनाए गए विशेष अस्‍पताल भी खाली हो गए हैं। ऐसे में चीन यह कहने की स्थिति में नजर आ रहा है कि इस महामारी से उसने जंग जीत ली है। हालांकि, अमेरिका में अभी लगतार 1000 से ज्‍यादा लोग रोजाना इस महामारी के कारण जान गंवा रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने आगे कहा, ‘अमेरिकी राजनेताओं के चीन पर आरोप लगाने से कोरोना वायरस को लेकर हमारे प्रयासों को दरकिनार नहीं किया जा सकता। न ही ऐसे आरोप महामारी की रोकथाम में अमेरिका की मदद करेंगे। ऐसे आरोप सिर्फ और सिर्फ अमेरिका के इरादों और अपनी गंभीर समस्याओं को ही उजागर करेंगे।