चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या सार्स से ज्यादा हुई, 813 लोगों की मौत

0
119

बीजिंग । चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 813 हो गई। रविवार को 91 लोगों के मरने की खबर है। इस तरह से कोरोना वायरस से हुई मौतों की संख्या लगभग 20 साल पहले सार्स वायरस के कारण हुई मौतों से अधिक हो गई है। सार्स वायरस 2003 में फैला था और दो दर्जन से अधिक देशों में इसके मरीज पाए गए थे। इसके चलते 774 लोगों की जान गई थी। कोरोना के 2656 नए केस सामने आए और इस तरह कोरोना पीडि़त रोगियों की संख्या बढ़कर 37287 हो गई।

चीन में लोग काम पर लौटने को तैयार

उधर, चंद्र नव वर्ष की लंबी छुट्टियां बिताने के बाद चीन में लोग काम पर लौटने को तैयार हैं। बता दें कि प्रत्येक साल चंद्र नववर्ष की छुट्टियां जनवरी के अंत तक समाप्त हो जाती थीं, लेकिन इस बार महामारी को देखते हुए चीन की सरकार ने स्वयं छुट्टियां बढ़ाने का अनुरोध किया था।

कारखाने और स्कूलों के बंद होने और उड़ानों पर प्रतिबंध के चलते कई शहरों में पसरा सन्नाटा

लंबे समय से कारखाने और स्कूलों के बंद होने और उड़ानों पर प्रतिबंध के चलते बीजिंग और शंघाई समेत चीन के कई शहर भुतिया नजर आने लगे हैं। बीजिंग का शेयर मार्केट भी पूरी तरह उजाड़ दिखाई देता है। यहां कामकाज पूरी तरह घट गया है। निवेशक सोने, बांड और जापानी येन में निवेश कर रहे हैं।

कर्मचारी 21 फरवरी तक घर से ही काम करेंगे

उधर, सोमवार को भी बड़ी संख्या में आफिस और स्कूल बंद रहेंगे और कर्मचारी घर से ही काम करेंगे। फोन निर्माता कंपनी एपल की सप्लायर फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड की सोमवार से फिर से उत्पादन शुरू करने की योजना पर चीन ने रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, गेमिंग कंपनी टेनसेन होल्डिंग लिमिटेड ने रविवार को कहा कि उसने अपने कर्मचारियों से 21 फरवरी तक घर से ही काम करने को कहा है। पीपुल्स डेली अखबार के मुताबिक हुबेई प्रांत में एक मार्च तक स्कूल बंद रहेंगे। साथ ही कई अन्य प्रांतों में भी स्कूल फरवरी के अंत तक बंद रहेंगे।

महामारी से लड़ने को 74 हजार करोड़ रुपये आवंटित

कोरोना वायरस की महामारी से लड़ने के लिए चीन के वित्त मंत्रालय ने लगभग 74 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए है। मंत्रालय ने वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा कि धन आवंटन का मकसद आर्थिक तंगी के चलते बीमारी से लड़ने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देना है।

हांगकांग के क्रूज में फंसे हजारों लोगों को छोड़ा गया

चालक दल के 1800 सदस्यों का टेस्ट निगेटिव आने के बाद कोरोना वायरस के संदेह में पांच दिन तक हांगकांग स्थित एक क्रूज में फंसे रहे हजारों लोगों को जाने दिया गया। दरअसल, द व‌र्ल्ड ड्रीम कंपनी तीन चीनी यात्रियों को 19 जनवरी से 24 जनवरी के बीच वियतनाम ले गई थी। ये लोग बाद में कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए।

राजनीतिक सुधारों को लेकर उठी आवाज

कोरोना वायरस के प्रति सबसे पहले सचेत करने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत से चीन में राजनीतिक सुधारों की आवाज उठने लगी हैं। वेनलियांग को कोरोना वायरस के बारे में सोशल मीडिया पर दूसरे के साथ चैटिंग करने पर पुलिस उठाकर ले गई थी। बाद में वो खुद कोरोना वायरस की चपेट में आ गए और शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। वेनलियांग की मौत पर लोगों में गुस्सा है और लोग सरकार पर कोरोना वायरस से निपटने में लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

कोरोना वायरस का 15 मिनट में जांच संभव

चीन के तियानजिन विश्वविद्यालय में कोरोना वायरस की जांच के लिए एक किट तैयार किया गया है। इस किट से 15 मिनट में कोरोना वायरस का पता लगाया जा सकेगा। अभी इस किट क्लीनिकल परीक्षण किया जा रहा है। इससे पहले एक कंपनी ने किट तैयार किया था, जिससे आधे घंटे में कोरोना वायरस का पता लगा लिया जाता है।

कोरोना जांच कराने पर 10 हजार रुपये का इनाम

चीन के वुहान शहर में लोगों ने कोरोना वायरस से बचने के लिए खुद को घरों में कैद कर लिया है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि कोरोना वायरस से पीडि़त होने के बाद भी लोग जांच के लिए अस्पताल नहीं जा रहे हैं। इसके चलते लोगों की मौत भी हो रही है। इसको देखते हुए वुहान प्रशासन ने कोरोना वायरस की जांच के लिए खुद से अस्पताल आने वाले लोगों को करीब 10 हजार रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की है।