Madhya Pradesh Cabinet Meeting : कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला- किसानों की हजारों एकड़ जमीन होगी वापस

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भोपाल । Madhya Pradesh Cabinet Meeting प्रदेश के विकास प्राधिकरणों ने जिन किसानों की जमीन विभिन्न् प्रोजेक्ट के लिए अधिगृहित की थी और बरसों से उनमें कोई काम नहीं हुआ या मात्र 10 फीसदी तक हुआ है, ऐसी जमीन किसानों को वापस की जाएगी। बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में इसके लिए 46 साल बाद नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम में संशोधन करने का बड़ा फैसला लिया। इसके तहत लैंड पुलिंग योजना लागू होगी, जिसमें हजारों एकड़ जमीन किसानों को वापस होगी।

इसके अलावा वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा पांच साल बढ़ाकर 33 साल करने का फैसला किया है। स्थाईकर्मी 60 की जगह 62 साल में सेवानिवृत्त होंगे। अतिथि विद्वानों को खाली पदों पर मौका दिया जाएगा। राज्य लोकसेवा आयोग के माध्यम से होने वाली परीक्षा में अनुभव के 20 बोनस अंक दिए जाएंगे। अनुदान प्राप्त कॉलेजों के शैक्षणिक स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयु 62 की जगह 65 वर्ष रहेगी।

जमीन के बदले मिलेंगे 50 फीसदी विकसित भूखंड

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा और नगरीय विकास तथा आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने निर्माण उद्योग की गतिविधियां बंद हो गई हैं। मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा। जमीनें खाली पड़ी हैं। इसे देखते हुए नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में संशोधन करने का फैसला करते हुए लैंड पुलिंग पॉलिसी को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत विकास प्राधिकरणों के ऐसे प्रोजेक्ट, जिनमें कोई काम नहीं हुआ है, उनमें अधिग्रहित किसानों की जमीनें वापस लौटाई जाएंगी। 84 में से ऐसे करीब 66 प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए हैं। वहीं, योजना में अब जो भी प्रोजेक्ट आएगा, उसमें जमीन अधिग्रहण की जगह लैंड पुलिंग योजना के तहत किसानों से जमीन लेकर उसे 50 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया जाएगा।

यह अभी 20 प्रतिशत था। योजना पर काम भले ही शुरू न हुआ हो पर संबंधित व्यक्ति को निर्माण करने का अधिकार होगा। छोटे-छोटे भूखंड को मिलाकर एक करने की सुविधा भी दी जाएगी। बहुत छोटा भूखंड हिस्से में आने पर नकद राशि देने या दूसरी योजना में भूखंड देने का प्रावधान भी रखा जाएगा। जमीन के विवाद सिविल कोर्ट में दायर नहीं किए जा सकेंगे। अधिनियम में संशोधन के लिए विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

भवन पर दोगुने निर्माण की मिलेगी अनुमति

कैबिनेट ने राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2019 को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड पर अधिकतम 75 फीसदी निर्माण किया जा सकेगा। फर्शी क्षेत्रानुसार (एफएआर) 1.25 की जगह दो प्रतिशत होगा। एक हेक्टेयर से कम जमीन 75 फीसदी और इससे अधिक जमीन 20 से 50 प्रतिश्ात रियायती दर पर दी जाएगी। उद्योगों को सेवा देने वाली इकाईयों को भी उद्योग का दर्जा देकर विकसित भूखंड दिए जाएंगे। लॉजिस्टिक एवं वेयर हाउसिंग हब के लिए पहले आओ, पहले पाओ की पद्धति पर जमीन दी जाएगी।

ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीदने पर टैक्स में 50 फीसदी छूट

कमलनाथ सरकार ने ग्वालियर व्यापार मेला में ऑटोमोबाइल्स पर पंजीयन शुल्क और रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट देने का फैसला किया है। इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मेला प्राधिकरण की मांग पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

बैठक में अपर मुख्य सचिव के दो पद, इंदौर में श्री सत्यसाई मेडिकल एवं हेल्थ केयर ट्रस्ट को बच्चों के हृदय रोग संबंधी अस्पताल खोलने के लिए नैनोद में दस एकड़ जमीन निशुल्क देने, भोपाल में वाटर स्पोर्ट्स नोड की स्थापना के लिए रक्षा मंत्रालय को कोहेफिजा में कलेक्टर रेट पर जमीन देने, आदिवासियों की कर्जमाफी, नगर निकाय चुनाव संबंधित अध्यादेश से जुड़े विधेयक विधानसभा में लाने की बैठक में मंजूरी दी गई।