CAA protest In UP : SIMI के बाद UP में अब PFI पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी, बवाल के बाद जांच तेज

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लखनऊ : नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदेश में हिंसा के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की सक्रिय भूमिका के कारण उत्तर प्रदेश में अब इस संगठन पर प्रतिबंध लगना तय है। प्रदेश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर प्रतिबंध के बाद पीएफआई पर प्रतिबंध की तलवार लटकी है। सीएए के विरोध में प्रदेश में फैली हिंसा के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने पीएफआई की हर स्तर पर भूमिका को लेकर जांच तेज करने का निर्देश दिया है।

पुलिस का दावा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस और सरकार ने दावा किया है कि प्रतिबंधित संगठन सिमी के लोग पीएफआई नाम के संगठन में शामिल हैं। इन लोगों ने नियोजित तरीके से हिंसा करने के लिए लोगों को उकसाया है।

प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दर्जन भर से अधिक जिलों में हिंसा के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही है। पुलिस हिंसा के कारणों के साथ इसके पीछे के लोगों की भी जांच कर रही है। जांच इसकी भी हो रही है कि हिंसा सिर्फ भीड़ के गुस्से की वजह से हुई या फिर इसको नियोजित तरीके से कराया गया है। इसके बाद अब तक की जांच में पीएफआई की सक्रिय भूमिका सामने आ गई है। इसके बाद ताबड़तोड़ छापापारी में अलग-अलग जिलों से दर्जन भर से अधिक पीएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पीएफआई में अब वह लोग सक्रिय हो गए हैं, जो सिमी के प्रतिबंधित होने के बाद फिर से सक्रिय होने को पीएफआई में काम करने के लिए एकत्र हैं।

जांच के बाद पुलिस ने दावा किया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई की भूमिका संदिग्ध है। लोग पीएफआई नाम के संगठन में शामिल हुए और नियोजित तरीके से हिंसा करने के लिए लोगों को उकसाया।

13 राज्य में है पीएफआई की पहुंच

पुलिस के अनुसार पीएफआई खुद को एक ऐसे संगठन के तौर पर प्रदर्शित करता है, जो लोगों को उनके हक दिलाने और सामाजिक हितों के लिए काम करता है। आरोप यह भी है कि पीएफआई पहले भी कई तरह की गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है। वर्तमान में पीएफआई का असर 13 राज्यों में है और कई मुस्लिम संगठन इससे सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस संगठन के सदस्यों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। लखनऊ समेत यूपी में हुई हिंसा में अब तक की जांच में पता चला है कि पीएफआई से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सऐप पर भड़काऊ मैसेजेस भेजकर लोगों को उकसाने का काम किया। लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पीएफआई के सक्रिय कार्यकर्ताओं को लखनऊ, शामली और मेरठ से गिरफ्तार भी किया गया है। इनके पास से मोबाइल पर भड़काऊ मैसेजेस और ऐसे दस्तावेज मिले हैं। इनका प्रयोग हिंसा में लोगों को उकसाने में किया गया था।

लखनऊ में पीएफआई के 3 सदस्य गिरफ्तार

आईजी रेंज, लखनऊ एसके भगत ने बताया कि सिमी के बैन होने के बाद पीएफआई को खड़ा किया गया। इस संगठन के तीन लोगों को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं। भगत ने कहा कि सिमी पर प्रतिबंध के बाद अब इनके सक्रिय लोगों के पीएफआई में होने की बात सामने आ रही है।