लोककला महोत्सव में भाजपाई सांसद और महापौर को नहीं बनाया अतिथि, MIC ने किया बहिष्कार, कलेक्टर से लिखित शिकायत

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भिलाई. राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक महोत्सव में महापौर चंद्रकांता मांडले को आतिथ्य का मौका नहीं दिए जाने से नाराज चरोदा-भिलाई निगम के महापौर परिषद के सदस्यों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया है। कलेक्टर अंकित आनंद को इसकी लिखित शिकायत की। इसे स्थानीय जनप्रतिनिधि का अपमान बताया है। लोक महोत्सव की व्यवस्था पर सवाल भी उठाया है।

महापौर चंद्रकांता मांडले का कहना है कि लोक महोत्सव उनके शहर चरोदा निगम क्षेत्र में हो रहा है। शासन के आदेश के मुताबिक आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग ने कार्यक्रम की तैयारी की है। उसमें निगम सहयोग कर रहा है। बावजूद उन्हें आतिथ्य का मौका नहीं दिया गया। जिस सतनामी समाज की कला को लेकर महोत्सव हो रहा है, वे भी उसी समाज से हैं। महापौर होने के नाते शहर की प्रथम नागरिक भी हैं। उनकी उपेक्षा की गई है।

आमंत्रण पत्र में विधायकों को जगह, सांसद को नहीं
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एमआईसी सदस्यों का कहना है कि लोक कला महोत्सव कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। कार्यक्रम की व्यवस्था जिला प्रशासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने किया है। आमंत्रण पत्र में दुर्ग लोकसभा सांसद और चरोदा निगम की महापौर की उपेक्षा की गई है। सांसद और शहर की प्रथम नागरिक महापौर को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मान दिया जाना चाहिए था, लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया है।

लोककला महोत्सव में भाजपाई सांसद और महापौर को नहीं बनाया अतिथि, MIC ने किया बहिष्कार, कलेक्टर से लिखित शिकायत

पार्षद करेंगे विरोध
एमआईसी सदस्य चरोदा क्षेत्र में चल रहे लोक कला महोत्सव के समापन समारोह के अतिथियों के खिलाफ शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। एमआईसी सदस्यों की मानें तो पार्षद समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

नहीं आए कई अतिथि- शुभारंभ मुख्य अतिथि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री प्रेम सिंह टेकाम ने किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष लोक स्वास्थ्य मंत्री गुरु रुद्रकुमार, विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक अरुण वोरा, विधायक देवेन्द्र यादव और विद्यारतन भसीन को आमंत्रित किया गया था। मुख्य अतिथि के अलावा कोई शामिल नहीं हुआ।

महापौर ने कहा किया अपमान
महापौर चरोदा निगम चंद्रकांता मांडले ने बताया कि लोक कला महोत्सव कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। जिला प्रशासन का कार्यक्रम है। सांसद और महापौर का नाम आमंत्रण पत्र में होना चाहिए था। यह मेरा नहीं समाज की एक महिला का अपमान है। जिला प्रशासन अपने त्रुटि को सुधारे। असिस्टेंट कमिश्नर, आदिम जाति विभाग प्रियवंदा रामटेके ने कहा कि कार्यक्रम जिला प्रशासन का है। प्रशासनिक स्तर पर जो निर्णय हुआ है, उसके मुताबिक अतिथियों का नाम प्रकाशित किया गया है। मैंने महापौर को आमंत्रण पत्र दिया है। इसमें कोई भेदभाव वाली बात नहीं है।